झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर चल रहा युवाओं का आंदोलन अब एक नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है. बिधानसभा घेराव के लिए दिन भर चले उग्र प्रदर्शन और कई दिनों से जारी भूख हड़ताल के बाद कई युवा आंदोलनकारियों की तबीयत बिगड़ने लगी है. इसी बीच, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी खुद स्थिति का जायजा लेने के लिए आधी रात बिना किसी सुरक्षा काफिले के रांची के सदर अस्पताल पहुंचे.
ब्लड प्रेशर लेवल काफी कम हो गया
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो और अन्य युवाओं से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना. उन्होंने वहां मौजूद डॉक्टरों की टीम से प्रदर्शनकारियों के इलाज और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की तथा निर्देश दिया कि युवाओं को बेहतर से बेहतर चिकित्सकीय देखभाल मुहैया कराई जाए. लगातार भूख हड़ताल के कारण देवेंद्र नाथ महतो का शुगर और ब्लड प्रेशर लेवल काफी कम हो गया था, जिस पर मंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार युवाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है.
उपद्रव फैलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी
अस्पताल में मीडिया से बात करते हुए डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार युवाओं की मांगों और लोकतांत्रिक आंदोलनों के खिलाफ नहीं है, बल्कि वह हमेशा उनके साथ खड़ी है. हालांकि, उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम के राजनीतिकरण पर विपक्ष (बीजेपी) को आड़े हाथों लिया. मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष छात्रों के आंदोलन को हाईजैक करने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की जायज मांगों पर विचार कर समाधान निकालने की कोशिश कर रही है, लेकिन किसी को भी छात्रों की आड़ में उपद्रव फैलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी.








