उत्तराखंड गठन के 26 साल बाद बनबसा में पहली बार होगी कैबिनेट बैठक, युवाओं और महिलाओं के लिए बड़े फैसलों की उम्मीद

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चंपावत: उत्तराखंड के गठन के करीब 26 साल बाद चंपावत जिले के बनबसा में पहली बार राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित होने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है। बैठक का आयोजन बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने कैबिनेट बैठक की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश सरकार के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। खास बात यह है कि बैठक में आने वाले अतिथियों को उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक खानपान और स्थानीय परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी।

चुनावी साल में बड़े फैसलों पर नजर

आगामी चुनाव को देखते हुए बनबसा में होने वाली कैबिनेट बैठक को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार इस बैठक में युवाओं, महिलाओं और किसानों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा कर सकती है।

सरकार के एजेंडे में युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास से जुड़े फैसले अहम हो सकते हैं। कौशल विकास योजनाओं को और प्रभावी बनाने तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने को लेकर सरकार कोई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है।

वहीं महिलाओं को ध्यान में रखते हुए नई कल्याणकारी योजनाओं या मौजूदा योजनाओं में विस्तार से जुड़े प्रस्ताव भी बैठक में सामने आने की संभावना है। चुनावी वर्ष में महिला मतदाताओं को लेकर सरकार की योजनाओं पर विशेष नजर रहेगी।

किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी हो सकता है फैसला

कैबिनेट बैठक में किसानों से संबंधित योजनाओं और उनके हित से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार होने की उम्मीद है। हालांकि बैठक में किन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी मिलेगी, इसकी तस्वीर मंत्रिमंडल की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगी।

सरकार की कोशिश ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों में विकास को गति देने की भी हो सकती है। चंपावत जैसे सीमांत जिले में पर्यटन, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े फैसले स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

भारत-नेपाल सीमा के करीब स्थित है बनबसा

बनबसा भारत-नेपाल सीमा के नजदीक स्थित महत्वपूर्ण क्षेत्र है। रणनीतिक और भौगोलिक दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व है। यही वजह है कि यहां होने वाली कैबिनेट बैठक को सिर्फ एक प्रशासनिक बैठक के तौर पर नहीं देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र चंपावत का हिस्सा होने के कारण भी बनबसा बैठक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो जाती है।

चंपावत के विकास पर धामी का फोकस

पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा उपचुनाव में चंपावत से बड़ी जीत हासिल की थी। इसके बाद से क्षेत्र के विकास को लेकर कई योजनाओं पर काम किया गया है। इनमें शारदा कॉरिडोर के विकास और सीमांत गांवों में पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाएं प्रमुख हैं।

सरकार सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाकर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। ऐसे में बनबसा में होने वाली कैबिनेट बैठक में क्षेत्र के विकास से जुड़े प्रस्तावों पर भी नजर रहेगी।

स्थानीय लोगों में उत्साह

बनबसा में पहली बार राज्य मंत्रिमंडल की बैठक होने से स्थानीय लोगों में उत्साह है। जिला प्रशासन की ओर से बैठक को लेकर सुरक्षा, यातायात, बैठक स्थल और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया है।

स्थानीय संस्कृति और पहाड़ी खानपान को भी बैठक का हिस्सा बनाया गया है, जिससे बाहर से आने वाले मंत्रियों और अधिकारियों को उत्तराखंड की पारंपरिक विरासत से परिचित कराया जा सके।

अब सभी की निगाहें कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं। खासकर युवा, महिलाएं और किसान वर्ग यह उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार उनके हित से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा कर सकती है।

Kinni Times
Author: Kinni Times