फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हाल ही में गंभीर हमले का सामना करने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से शनिवार को दुबई के क्राउन प्रिंस और यूएई के डिप्टी प्रधानमंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद अल मक्तूम ने विशेष रूप से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कैप्टन मच्छर के अदम्य साहस और सूझबूझ की जमकर तारीफ की, जिसके चलते विमान में सवार सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई जा सकी। कैप्टन स्मित मच्छर वर्तमान में अबू धाबी में चिकित्सा उपचार के बाद स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। मुलाकात के बाद शेख हमदान ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में लिखा कि कैप्टन मच्छर ने कर्तव्यनिष्ठा, साहस और इंसानी जिंदगी की हिफाजत की एक अनूठी मिसाल पेश की है, और यूएई को गर्व है कि वे उनकी टीम तथा देश की कहानी का एक अहम हिस्सा हैं।
क्या थी फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 की पूरी घटना?
यह सनसनीखेज घटना बीते बुधवार को दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के दौरान घटी थी। यूएई के अटॉर्नी जनरल कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, उड़ान के दौरान ओमान के सह-पायलट (को-पायलट) ने कॉकपिट के भीतर अचानक कैप्टन स्मित मच्छर पर ‘क्रैश एक्स’ (Crash Axe) से हमला कर दिया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की खतरनाक कोशिश की। उस वक्त विमान में कुल 174 यात्री सवार थे। इस भीषण हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर ने अपनी सूझबूझ नहीं खोई और किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलकर मदद के लिए आवाज लगाई, जिसके बाद मुस्तैद क्रू मेंबर और यात्रियों ने मिलकर हमलावर को तुरंत काबू में कर लिया।
30 सेकंड से कम समय में 14 हजार फीट नीचे गया था विमान
इस जानलेवा संघर्ष के दौरान सऊदी अरब के ऊपर उड़ान भर रहा वह विमान महज 30 सेकंड से भी कम समय में 14,000 फीट से अधिक नीचे गोता लगा गया था, जिससे आसमान में अफरा-तफरी मच गई थी। हालांकि, रिजर्व क्रू सदस्यों ने बेहद संयम का परिचय देते हुए विमान को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया। इस घटना के तुरंत बाद सऊदी अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच-पड़ताल पूरी की और आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए यूएई के अधिकारियों को सौंप दिया।
आरोपी को-पायलट के पुराने रिकॉर्ड और पृष्ठभूमि की जांच
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपी सह-पायलट की पहचान हमाम अल-हमामी के रूप में हुई है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि ओमान में पहले भी उसे विमान उड़ाने से रोका गया था तथा उसके कथित चरमपंथी विचारों को लेकर चिंताएं जताई गई थीं, जिसके बाद उसने फ्लाईदुबई एयरलाइन में नौकरी ज्वॉइन की थी। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि एयरलाइन को उसके इस संदेहास्पद पुराने रिकॉर्ड के बारे में कितनी जानकारी थी और नियुक्ति से पहले उसकी पृष्ठभूमि (Background) की कितनी गहराई से जांच की गई थी। फिलहाल इस मामले की चल रही उच्चस्तरीय जांच में इन तमाम पहलुओं और सुरक्षा चूकों को भी बारीकी से खंगाला जा रहा है।








