पंजाब में SIR के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी: 13.60 लाख नाम हटे, 7.97 लाख नए मतदाता जुड़े

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पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों के लिए वर्ष 2026 की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद फाइनल वोटर लिस्ट आधिकारिक तौर पर जारी कर दी गई है।

इस नई सूची में 7,97,000 नए मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं, जबकि 13,60,000 नाम हटाए गए हैं। इस बड़े फेरबदल के बाद राज्य में कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या घटकर 2 करोड़ 1 लाख रह गई है। चुनावी समीकरणों के लिहाज से इस नई मतदाता सूची को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रमुख औद्योगिक व शहरी जिलों के आंकड़ों पर टिकी नजरें

पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, राज्य के प्रमुख जिलों में मतदाता सूची के सत्यापन और नए नामों के पंजीकरण के आंकड़े सामने आ चुके हैं:

लुधियाना: औद्योगिक केंद्र लुधियाना में सबसे ज्यादा करीब 4.16 लाख लोग प्रक्रिया के दायरे में चिह्नित किए गए।

अमृतसर: धार्मिक व व्यापारिक शहर अमृतसर में लगभग 2.42 लाख नाम चिह्नित हुए।

जालंधर: जालंधर में करीब 1.85 लाख लोगों के नाम इस प्रक्रिया के तहत दर्ज हुए।

मोहाली और पटियाला: मोहाली में करीब 1.53 लाख और पटियाला में लगभग 1.38 लाख मतदाताओं के आंकड़े चिह्नित किए गए।

लुधियाना का गणित: प्रवासी आबादी और वोटिंग पैटर्न

इन सभी आंकड़ों के बीच सबसे ज्यादा राजनीतिक चर्चा लुधियाना की हो रही है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहाँ दूसरे राज्यों से आए प्रवासी मजदूरों की बड़ी आबादी निवास करती है।

2022 का रिकॉर्ड: 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने लुधियाना जिले की 9 में से 8 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

2024 का बदलाव: हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान लुधियाना क्षेत्र की कई विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस से ज्यादा वोट मिले थे।

राजनीतिक प्रभाव: ऐसे में पात्र मतदाताओं के नाम शामिल होने या हटने से यहाँ के राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।

पटियाला, अमृतसर और जालंधर में त्रिकोणीय समीकरण

पंजाब के अन्य प्रमुख इलाकों में भी पिछले दो चुनावों के दौरान अलग-अलग रुझान देखने को मिले हैं:

पटियाला क्षेत्र: वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने पटियाला की सभी 8 सीटें जीती थीं। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 5 और आम आदमी पार्टी ने 3 सीटों पर बढ़त बनाई थी।

अमृतसर और जालंधर: इन दोनों प्रमुख क्षेत्रों में कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच त्रिकोणीय और कड़ा मुकाबला देखने को मिला था।

राजनीतिक विश्लेषण: किस पार्टी पर क्या पड़ेगा असर?

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, फाइनल वोटर लिस्ट का असली असर समझने के लिए यह देखना जरूरी होगा कि किस क्षेत्र में कितने नाम हटाए गए और कहाँ नए मतदाता जुड़े हैं। खासकर शहरी और ग्रामीण इलाकों के आंकड़ों की तुलना काफी अहम होगी।

हालांकि, एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि वोटर लिस्ट से नाम हटने का मतलब अपने आप यह नहीं है कि वे सभी लोग किसी एक ही राजनीतिक दल के समर्थक थे। इसलिए किस पार्टी को कितना फायदा या नुकसान होगा, इसका सटीक अनुमान लगाना अभी जल्दबाजी होगी। पंजाब में फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के बाद चुनावी चर्चाएं तेज हो गई हैं और सभी की नजरें आने वाले राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हैं।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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