Faridabad: फिल्म बनाने की कंपनी चलाने वाले फर्जी डॉक्टर से कराई हार्ट सर्जरी, इस तरह से खुला फर्जीवाड़े का राज

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बीके नागरिक अस्पताल में कॉर्डियोलॉजिस्ट की नौकरी पाकर जनरल फिजिशियन डॉ. पंकज मोहन शर्मा के दिल के मरीजों का इलाज करने के मामले में एफआईआर दर्ज हो गई है। एसजीएम नगर थाना में मंगलवार शाम को ये एफआईआर हार्ट सेंटर संचालन कर रही कंपनी के सीएमडी समेत 6 लोगों पर दर्ज हुई है। इनमें कंपनी के सीएमडी डॉ. एन प्रताप कुमार, एचआर हेड दलीप नायर कॉर्पोरेट, सेंटर हेड व फाइनेंस मैनेजर पीयूष श्रीवास्तव, सेंटर हेड हरियाणा अजय शर्मा, बीके अस्पताल के सेंटर हेड मंदीप और नकली डिग्री लिये इलाज करने वाले डॉ. पंकज मोहन शर्मा शामिल हैं।

फरीदाबाद जिला अदालत में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता संजय गुप्ता की शिकायत पर ये एफआईआर दर्ज हुई है। आरोप है कि मेडीट्रीना कंपनी के सीएमडी व प्रबंधन ने यह जानते हुए कि डॉ. पंकज मोहन शर्मा के पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं है, उससे कई हृदय रोगियों का इलाज करवाया और उन्हें मौत के मुंह में धकेला है। इन्हीं के कहने पर यह अप्रशिक्षित डॉक्टर पंकज लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। जिसने अभी तक लगभग 3 मरीजों को जान से मार दिया है।

असली डॉक्टर ने आईएमए को दी शिकायत तो सामने आया फर्जीवाड़ा

आरोप है कि डॉक्टर पंकज मोहन शर्मा ने मेडीट्रीना हॉस्पिटल में हृदय रोगियों के इलाज के दौरान अपना एनएमसी रजिस्ट्रेशन न. 2456 योग्यता एमबीबीएस, एमडी, डीएनबी (कार्डियोलॉजी) लिखी है जो की सरासर गलत है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब असली डॉक्टर पंकज मोहन ने इसकी शिकायत इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को की। शिकायत में असली डॉक्टर ने बताया की उनका एनएमसी रजिस्ट्रेशन न. 2456 है और कोई डॉ. पंकज मोहन शर्मा उनके रजिस्ट्रेशन व डिग्री के आधार पर हार्ट सेंटर में मरीजों का इलाज चल रहा है।

फिल्म बनाने की कंपनी चलाने का फर्जी डॉक्टर पर आरोप

आरोप है कि नकली डॉक्टर पंकज मोहन शर्मा ने अपनी फेसबुक आईडी क्षितिज मोहन के नाम से बनवाई हुई है जिससे यह पता चलता है कि इस नकली डॉक्टर ने पेन्सूस प्रोफेशनल्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फिल्म बनाने की कंपनी खोल रखी है। इस कंपनी में बतौर मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर कार्य कर रहा है।

सीएमओ व पीएमओ पर भी कार्रवाई न करने का लगाया आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मेडीट्रीना में हो रहे इस फर्जीवाड़े की जानकारी नागरिक अस्पताल के सीएमओ व पीएमओ ऑफिस को भी है। लेकिन उन्होंने भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। साथ ही इनके खिलाफ कोई भी शिकायत आने पर खानापूर्ति करके उसको दबा दिया जाता है।
प्राथमिक जांच के बाद दर्ज हुई एफआईआर

मामले में जांच करते हुए पुलिस की ओर से बीके अस्पताल के सीएमओ को बार-बार पत्र भेजे गए। 7 जून 2025 को सीएमओ से ईमेल पुलिस को भेजी गई जिसमें डॉ. पंकज मोहन शर्मा की चिकित्सा शिक्षा से संबंधित प्रमाण पत्रों की कॉपी पुलिस को मिली। इन दस्तावेज व प्रमाण पत्रों के अनुसार पंकज मोहन शर्मा ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस नई दिल्ली से डिग्री हासिल की। लेकिन वहां से वेरिफाई कराने पर मंगलवार 10 जून 2025 को पुलिस को रिपोर्ट मिली कि उपलब्ध रेकॉर्ड के अनुसार ये प्रमाण पत्र में उल्लेखित पंकज मोहन शर्मा नाम का कोई अभ्यर्थी शामिल नहीं था। पुलिस की शुरुआती जांच में ये प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया तो मामले में मंगलवार शाम को ही एसजीएम नगर थाना में बीएनएस की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 125 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

हॉर्ट सेंटर संचालन कंपनी पर पहले भी दर्ज हैं कई एफआईआर

शिकायतकर्ता का आरोप है कि बीके अस्पताल में मेडीट्रीना हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड की ओर से हार्ट सेंटर संचालित किया गया। इस अस्पताल व इसकी मैनेजमेंट पर पहले भी इलाज में लापरवाही, पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन, सरकारी रुपयों के गबन को लेकर एफआईआर दर्ज हैं। एसजीएम नगर थाना में साल 2022 में एफआईआर नंबर 470, एसीबी फरीदाबाद थाना में साल 2024 में एफआईआर नंबर 20, यहां की महिला कर्मचारी के यौन उत्पीड़न को लेकर महिला थाना एनआईटी में साल 2025 की एफआईआर नंबर 22 के अलावा अंबाला जिले के अंबाला कैंट थाने में भी दो एफआईआर दर्ज हैं। आरोप है कि मेडीट्रीना हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड (हार्ट सेंटर) बीके अस्पताल का एक अप्रशिक्षित कर्मचारी अवैध तरीके से इको कार्डियोग्राफी मशीन पर कार्य करता हुआ मिला था। वो फर्जी ईको कार्डियोग्राफी रिपोर्ट बना रहा था।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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