दिल्ली के दक्षिणी इलाके छतरपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नगर निगम (MCD) द्वारा डिमोलिशन और सील की गई एक बिल्डिंग पर दोबारा अवैध निर्माण करवाया जा रहा है। इस पूरे मामले में मैदानगढ़ी थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता ने प्रधानमंत्री कार्यालय, उपराज्यपाल, MCD, पुलिस अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को शिकायत भेजी है।
रिश्वत लेकर सील तोड़ी, बिल्डिंग पर फिर से हो रहा निर्माण
दी गई अपनी शिकायत में शिकायतकर्ता ने बताया कि दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर मैंन रोड खसरा नंबर 261 डीडीए नोटिफाई जमीन पर बनी एक इमारत, जिसे पहले MCD ने अवैध निर्माण मानते हुए डिमोलिश और सील कर दिया था, अब फिर से बनवाई जा रही है।
शिकायत के अनुसार, मैदानगढ़ी थाने में तैनात हेड कांस्टेबल जयपाल (मोबाइल: 8368375660) ने मोटी रिश्वत लेकर MCD की सील तुड़वाकर उसी बिल्डिंग पर दोबारा निर्माण शुरू करवा दिया है। यह कार्रवाई न सिर्फ कानून की अवहेलना है, बल्कि MCD की कार्यवाही का भी अपमान है।
PCR कॉल के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं, शिकायतकर्ता को धमकी
इस अवैध निर्माण को लेकर 112 पर PCR कॉल करके पुलिस को सूचना भी दी गई। लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि मौके पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। बल्कि हेड कांस्टेबल जयपाल द्वारा शिकायतकर्ता को धमकी दी गई, जो पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
यह मामला दिल्ली की प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल उठाता है:
एक बार MCD द्वारा सील की गई इमारत पर फिर से निर्माण कैसे हो सकता है?
अगर एक पुलिसकर्मी रिश्वत लेकर ऐसा करा सकता है तो आम जनता किस पर भरोसा करे?
PCR कॉल के बावजूद कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
क्या मांग है शिकायतकर्ता की?
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि:
इस मामले में तत्काल जांच हो,
हेड कांस्टेबल जयपाल को निलंबित कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए,
और MCD, पुलिस व स्थानीय प्रशासन की संलिप्तता की निष्पक्ष जांच हो।



