नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का समापन: घोषणापत्र में आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ का संकल्प

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नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का औपचारिक समापन हो गया है। दो दिवसीय इस महामंथन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीकी सहयोग, संगठित अपराध और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई। समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ब्रिक्स केवल देशों का एक समूह नहीं है, बल्कि वैश्विक समस्याओं का ठोस समाधान प्रस्तुत करने वाला एक मजबूत मंच बन चुका है।

नई दिल्ली घोषणापत्र और पीएम मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री ने सम्मेलन में आम सहमति से पारित ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन अब अपने तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा है:

नतीजों पर फोकस: पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि विश्व अब केवल औपचारिक बयानों या वादों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि जमीन पर दिखने वाले ठोस परिणाम देखना चाहता है।

समयबद्ध क्रियान्वयन: घोषणापत्र में निर्धारित लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर लागू करने की आवश्यकता रेखांकित की गई।

अगली अध्यक्षता: भारत ने आगामी कार्यकाल के लिए ब्रिक्स की कमान चीन को सौंपते हुए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

आतंकवाद पर कड़ा रुख: पहलगाम हमले की निंदा

नई दिल्ली घोषणापत्र में आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ एकजुट होकर कड़ा मुकाबला करने का संकल्प दोहराया गया:

पहलगाम आतंकी हमले की भर्त्सना: घोषणापत्र में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी।

शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance): सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर सहमति जताई और सीमा पार से होने वाली आतंकियों की आवाजाही, सुरक्षित ठिकानों और टेरर फंडिंग को पूरी तरह ध्वस्त करने का आह्वान किया।

संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध: संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादियों और प्रतिबंधित संगठनों की सूची के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।

साइबर अपराध और संगठित नेटवर्क पर प्रहार

आतंकवाद के अलावा सदस्य देशों ने संगठित अपराधों के खिलाफ साझा तंत्र मजबूत करने का निर्णय लिया। इसमें सीमा पार हथियारों व नशीले पदार्थों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, मानव तस्करी, डिजिटल धोखाधड़ी और संगठित ऑनलाइन फ्रॉड नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई शामिल है। साथ ही अपराध के जरिए बनाई गई अवैध संपत्तियों की पहचान, जब्ती और पीड़ितों को संरक्षण देने पर भी व्यापक सहमति बनी।

Kinni Times
Author: Kinni Times