नई दिल्ली: दिल्ली की सड़कों को बार-बार खोदने और लंबे समय तक खराब हालत में छोड़ने की समस्या पर अब रोक लगाने की तैयारी है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सड़क काटने और रखरखाव से जुड़ी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि एक ही सड़क को अलग-अलग कामों के लिए बार-बार न खोदा जाए।
उपराज्यपाल ने कहा कि राजधानी की सड़कों और इलाकों की साफ-सफाई ऐसी होनी चाहिए, जिसका असर रोजाना जमीन पर दिखाई दे। उन्होंने सोमवार को एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार के साथ राजधानी में निगम से जुड़े कामों की प्राथमिकताओं की समीक्षा की। बैठक में सड़कों की बार-बार कटिंग का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
पहले से करना होगा एजेंसियों के बीच तालमेल
बैठक में निर्देश दिया गया कि केबल, पाइपलाइन या अन्य सुविधाएं बिछाने वाली एजेंसियां सड़क के रखरखाव से जुड़े विभागों के साथ पहले से तालमेल करें। इसका उद्देश्य एक ही सड़क या हिस्से को अलग-अलग कामों के लिए बार-बार खोदने की स्थिति को रोकना है।
एलजी ने यह भी कहा कि सड़क काटने के बाद उसकी बहाली तय मानकों के मुताबिक और समय पर होनी चाहिए। बार-बार खुदाई और खराब मरम्मत से सड़क की गुणवत्ता और टिकाऊपन प्रभावित होता है। इसका सीधा असर वाहन चालकों और पैदल चलने वालों पर पड़ता है।
कूड़ा जमा हुआ तो अफसर होंगे जवाबदेह
घरों और व्यावसायिक इलाकों से नियमित कूड़ा उठाने पर भी बैठक में जोर दिया गया। एलजी ने कहा कि कूड़ा जमा होने के बाद विशेष अभियान चलाने के बजाय रोजाना सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़कों और गलियों की सफाई किसी निरीक्षण या विशेष अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि नियमित रूप से बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अवैध निर्माण पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश
बैठक में अवैध और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश भी दिए गए। एलजी ने कहा कि उल्लंघनों के खिलाफ सख्त और समयबद्ध कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि अवैध निर्माण को सामान्य स्थिति बनने से रोका जा सके।
एलजी के निर्देशों के बाद अब सड़क खुदाई, सड़क बहाली, सफाई व्यवस्था और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई को लेकर संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही पर फोकस बढ़ने की उम्मीद है।







