दक्षिण दिल्ली के सतबड़ी इलाके में स्थित डीडीए की सरकारी जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर करोड़ों रुपये मूल्य की कमर्शियल बेसमेंट बिल्डिंग के निर्माण का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार यह निर्माण बिल्डिंग सी नंबर 1287 व 1288 पर किया गया है, जहाँ एक प्रॉपर्टी डीलर कार्यालय संचालित किया जा रहा है।
बिना नक्शा पास निर्माण का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह निर्माण बिना किसी स्वीकृत नक्शे के किया गया है और इसमें भू-माफिया की संलिप्तता बताई जा रही है। बताया गया है कि यह पूरी इमारत डीडीए की सरकारी भूमि पर गैरकानूनी रूप से बनाई गई है, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है।
यह मामला थाना मेहरौली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मेंन रोड सतबड़ी का है। प्रशासनिक रूप से यह क्षेत्र एसडीएम साकेत के अधिकार क्षेत्र में आता है, जहाँ भूमि से जुड़े मामलों की निगरानी की जिम्मेदारी राजस्व और डीडीए विभाग की होती है।
112 पर की गई शिकायत, कार्रवाई शून्य
शिकायतकर्ता के अनुसार, दिनांक 5 फरवरी 2026 यानि आज पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर सरकारी जमीन पर कब्जा और अवैध निर्माण को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद आरोप है कि पुलिस, डीडीए, एमसीडी और एसडीएम कार्यालय की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो सरकारी भूमि पर हो रहे इस कथित अवैध निर्माण को रोका जा सकता था। प्रशासन की निष्क्रियता से भू-माफियाओं के हौसले बढ़ने का आरोप लगाया जा रहा है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि डीडीए भूमि की तत्काल पैमाइश कराई जाए, अवैध निर्माण को सील या ध्वस्त किया जाए, दोषी व्यक्तियों और अधिकारियों पर कार्रवाई हो और सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए
निष्कर्ष
सरकारी जमीन पर कब्जा और अवैध निर्माण का यह मामला यदि सही पाया जाता है, तो यह न केवल कानून व्यवस्था बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि संबंधित विभाग इस शिकायत पर कब और क्या कदम उठाते हैं।








