दक्षिणी दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाना क्षेत्र स्थित डेरा माड़ी फार्महाउस (फॉर्म नंबर 2, आनंद फॉर्म CN-152, श्री राम लेन) को लेकर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतों के अनुसार, यहां देर रात तक चलने वाली पार्टियों में कई तरह की संदिग्ध और कथित अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
युवक-युवतियों की मौजूदगी, शोषण और कथित “लव जिहाद” के आरोप
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि दक्षिणी दिल्ली के थाना फतेहपुर बेरी के अंतर्गत थाना अध्यक्ष की नाक के तले चल रहा सुर-सुरा सुंदरी पार्टियों में बाहरी क्षेत्रों से युवक-युवतियों को बुलाया जाता है, जहां कथित रूप से नशे, अनैतिक गतिविधियों और शोषण जैसी घटनाएं होती हैं। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि यहां “लव जिहाद” जैसे गंभीर मुद्दों से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जानी चाहिए।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
शिकायतकर्ता का कहना है कि कई बार पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस द्वारा इसे सामान्य पार्टी बताकर टालने के आरोप लगाए गए हैं, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नियमों और कानून का कथित उल्लंघन
आरोपों के अनुसार, फार्महाउस में कई नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है, जैसे:
* बिना लाइसेंस शराब परोसना
* रात 10 बजे के बाद तेज ध्वनि में डीजे संचालन
* टेंट और अस्थायी ढांचे बनाकर कमरों को किराए पर देना
* कृषि भूमि पर अवैध व्यावसायिक गतिविधियां चलाना
इन सभी कार्यों के लिए MCD, DDA, SDM, अग्निशमन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण समिति और पुलिस लाइसेंस विभाग से अनुमति आवश्यक होती है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी और हादसे का खतरा
फार्महाउस में बनाए गए अस्थायी टेंट, कमरों और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाओं में सुरक्षा मानकों के पालन पर भी सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर इसकी जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो सकता है।
कथित भ्रष्टाचार और मिलीभगत के आरोप
कुछ शिकायतों में नगर निगम और संबंधित विभागों के कुछ कर्मचारियों पर भी मिलीभगत और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही संभव है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई और जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि:
* पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराई जाए
* अवैध निर्माण और गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए
* शामिल व्यक्तियों की पहचान और सत्यापन किया जाए
* यदि कोई अधिकारी दोषी पाया जाए तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
यह मामला कानून व्यवस्था, प्रशासनिक निगरानी और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन गया है। आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन स्थानीय लोगों की मांग है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शी जांच और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि युवाओं के भविष्य और समाज की सुरक्षा बनी रहे।








