तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को राहत देते हुए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में पांच साल की छूट देने का आदेश जारी किया है। यह रियायत अगले पांच वर्षों तक लागू रहेगी।
सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की मांग पर विचार करने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने यह निर्णय लिया है। यह छूट पहले से लागू आयु सीमा संबंधी रियायतों के अतिरिक्त होगी।
ग्रुप-1 की नौकरियों में कितनी बढ़ेगी उम्र सीमा?
नए आदेश के बाद ग्रुप-1 की सरकारी नौकरियों में सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की अधिकतम आयु सीमा 32 से बढ़कर 37 वर्ष हो जाएगी। वहीं आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए यह सीमा 37 से बढ़कर 42 वर्ष हो जाएगी।
दिव्यांग उम्मीदवारों को भी इसका लाभ मिलेगा। सामान्य वर्ग के दिव्यांग अभ्यर्थियों की आयु सीमा 42 से बढ़कर 47 वर्ष और आरक्षित वर्ग के दिव्यांग अभ्यर्थियों की आयु सीमा 47 से बढ़कर 52 वर्ष हो जाएगी।
ग्रुप-2 और ग्रुप-2A में भी मिलेगा लाभ
ग्रुप-2 और ग्रुप-2A की सरकारी नौकरियों में सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की अधिकतम आयु सीमा 30 से बढ़ाकर 35 वर्ष कर दी जाएगी। वहीं सामान्य वर्ग के दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए यह सीमा 40 से बढ़कर 45 वर्ष हो जाएगी।
सरकार के अनुसार, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए इन पदों पर पहले से अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं थी। ऐसे में उनके लिए मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी।
पांच साल तक लागू रहेगा फैसला
तमिलनाडु सरकार का यह आदेश अगले पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी पाने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा, जो निर्धारित आयु सीमा के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल नहीं हो पा रहे थे।
मुख्यमंत्री विजय के इस फैसले से राज्य में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद है।







