केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने की नीति का विरोध करने वालों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इथेनॉल मिश्रण के खिलाफ चलाया गया अभियान एक ‘पेड कैंपेन’ था। गडकरी के मुताबिक, इथेनॉल मिश्रण से जुड़े मुद्दों पर तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।
नितिन गडकरी ने राजमार्गों की स्थिति को लेकर भी भरोसा दिलाया कि अगले दो वर्षों में सड़कों की गुणवत्ता और स्थिति में सुधार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजमार्गों के निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की नीति का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देना है। वहीं, राजमार्गों की गुणवत्ता में सुधार को लेकर गडकरी का बयान सड़क निर्माण और रखरखाव से जुड़े मुद्दों के बीच अहम माना जा रहा है।








