ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा ने राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण में जीत हासिल कर चौथी बार देश की सत्ता में वापसी की है। उन्होंने दक्षिणपंथी नेता फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर लगातार नहीं, बल्कि अलग-अलग कार्यकालों में चौथी बार राष्ट्रपति बनने का रास्ता साफ किया है। इस जीत के साथ ब्राजील की राजनीति में लूला दा सिल्वा का प्रभाव एक बार फिर मजबूत हुआ है।
लूला की जीत पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने तथा उसका विस्तार करने के लिए लूला दा सिल्वा के साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और वैश्विक दक्षिण के साझा हितों को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारत और ब्राजील मिलकर एक अधिक समावेशी, समानता आधारित और टिकाऊ विश्व व्यवस्था के निर्माण की दिशा में काम करते रहेंगे। दोनों देशों के बीच लंबे समय से व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं। लूला की जीत के बाद इन क्षेत्रों में साझेदारी को नई गति मिलने की उम्मीद है।
2030 तक 30 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य
भारत और ब्राजील ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। दोनों देश व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ निवेश और आर्थिक सहयोग के नए अवसर तलाश रहे हैं। फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, इंजीनियरिंग उत्पाद, मशीनरी, नवीकरणीय ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं हैं।
ब्राजील लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि भारत दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। ऐसे में दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक संबंध व्यापार और निवेश के नए रास्ते खोल सकते हैं। इसके अलावा, भारत और ब्राजील ब्रिक्स तथा जी-20 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी कई मुद्दों पर सहयोग करते हैं।
लूला दा सिल्वा की चौथी बार राष्ट्रपति पद पर वापसी से भारत और ब्राजील के संबंधों में निरंतरता बने रहने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी की बधाई और रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देने की प्रतिबद्धता से साफ है कि भारत दोनों देशों के बीच आर्थिक, कूटनीतिक और बहुपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है।








