Devdutt Padikkal 199 Runs: भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच खेले जा रहे पहले अनाधिकारिक टेस्ट मैच में देवदत्त पडिक्कल ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा है। पडिक्कल ने 199 रनों की बेहतरीन पारी खेलकर भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने की दावेदारी मजबूत कर दी है। वहीं, साई सुदर्शन ने भी 91 रन बनाए हैं। ऐसे में दोनों खिलाड़ियों के बीच टीम में जगह बनाने की जंग दिलचस्प हो गई है।
देवदत्त पडिक्कल दोहरे शतक से चूके
देवदत्त पडिक्कल ने न्यूजीलैंड ए के खिलाफ 248 गेंदों पर 199 रन बनाए। उनकी इस पारी में 24 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। वह दोहरे शतक से महज एक रन दूर रह गए। हालांकि, शतक के बाद दोहरे शतक तक पहुंचने से पहले ही उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा।
पडिक्कल की इस पारी ने दिखाया कि वह लंबे प्रारूप के क्रिकेट में बड़ी पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं। टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ में उनका यह प्रदर्शन काफी अहम माना जा सकता है।
साई सुदर्शन ने भी खेली 91 रनों की पारी
इस मुकाबले में साई सुदर्शन ने भी शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 184 गेंदों का सामना करते हुए 91 रन बनाए। उनकी पारी में 12 चौके शामिल रहे। सुदर्शन ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम योगदान दिया, लेकिन रनों के मामले में वह पडिक्कल से पीछे रह गए।
शुभमन गिल के दोस्त साई सुदर्शन पर रहेंगी नजरें
साई सुदर्शन आईपीएल में गुजरात टाइटंस की ओर से खेलते हैं, जिसकी कप्तानी शुभमन गिल करते हैं। गिल के भारतीय टेस्ट टीम का कप्तान बनने के बाद सुदर्शन को भी टेस्ट क्रिकेट में मौके मिले। हालांकि, टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा।
दूसरी ओर, पडिक्कल की 199 रनों की पारी ने चयनकर्ताओं के सामने एक मजबूत विकल्प पेश किया है। ऐसे में आने वाले मुकाबलों में दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है।
किसे मिलेगा टेस्ट टीम में मौका?
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि साई सुदर्शन की जगह खतरे में है या देवदत्त पडिक्कल को प्लेइंग इलेवन में प्राथमिकता मिलेगी। भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच आगे होने वाले अनाधिकारिक टेस्ट मैचों में दोनों खिलाड़ियों को खुद को साबित करने के और मौके मिल सकते हैं।
अब देखना दिलचस्प होगा कि आगामी मुकाबलों में कौन सा बल्लेबाज अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को ज्यादा प्रभावित करता है। फिलहाल पडिक्कल ने 199 रनों की पारी खेलकर टेस्ट टीम में जगह पाने की अपनी दावेदारी जरूर मजबूत कर दी है।








