नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के आईपीओ की शुरुआत के साथ ही शेयर बाजार में हलचल देखने को मिली है। 21 अक्टूबर 2026 को खुला यह इश्यू बड़े संस्थागत निवेशकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। शुरुआती कारोबार के दौरान क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। हालांकि, खुदरा निवेशकों की ओर से अब तक अपेक्षाकृत कम आवेदन मिले हैं।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, आईपीओ खुलने के कुछ ही समय बाद संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में मांग तेजी से बढ़ी। सुबह 10 बजे तक QIB कैटेगरी को 2.86 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था। रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती चरण में पूरे आईपीओ का कुल सब्सक्रिप्शन करीब 65 फीसदी रहा।
QIB श्रेणी में आमतौर पर म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और अन्य बड़े संस्थागत निवेशक शामिल होते हैं। इस श्रेणी में मजबूत मांग को जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर शुरुआती निवेशक रुचि के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, केवल सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों के आधार पर शेयर की लिस्टिंग या भविष्य के रिटर्न का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
रिटेल निवेशकों की ओर से कैसी रही प्रतिक्रिया?
संस्थागत निवेशकों की तुलना में छोटे निवेशकों की भागीदारी फिलहाल सीमित दिखाई दी। शुरुआती NSE आंकड़ों के मुताबिक, गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की श्रेणी में लगभग 11 फीसदी और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से में करीब 8 फीसदी सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया।
ये आंकड़े आईपीओ की शुरुआती स्थिति दर्शाते हैं। आवेदन की अवधि के दौरान निवेशकों की मांग में बदलाव हो सकता है, इसलिए अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़े शुरुआती आंकड़ों से अलग हो सकते हैं।
एंकर निवेशकों से जुटाए 8,109 करोड़ रुपये
आईपीओ खुलने से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 अक्टूबर को एंकर निवेशकों से लगभग 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी के इस एंकर निवेश में कुल 212 निवेशक शामिल बताए गए हैं।
इन निवेशकों में ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, टी. रो प्राइस, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, इनवेस्को और प्रूडेंशियल जैसे प्रमुख वैश्विक निवेश संस्थानों के नाम शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एंकर निवेशकों की ओर से आईपीओ के लिए करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की मांग आई थी।
एंकर निवेशकों की भागीदारी आईपीओ की शुरुआती गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है, लेकिन इससे सभी निवेशकों के लिए भविष्य में मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती।
निवेश से पहले किन बातों पर ध्यान दें?
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी के बावजूद निवेशकों को केवल सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए। कंपनी का मूल्यांकन, वित्तीय प्रदर्शन, कारोबार की संभावनाएं, प्रतिस्पर्धा और आईपीओ से जुड़ी शर्तों को समझना जरूरी है।
निवेशकों को यह भी देखना चाहिए कि शेयर का प्रस्तावित मूल्य कंपनी की वित्तीय स्थिति और भविष्य की संभावनाओं के अनुरूप है या नहीं। निवेश का निर्णय अपनी जोखिम उठाने की क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए।
नोट: आईपीओ के सब्सक्रिप्शन आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं। निवेश से पहले NSE, कंपनी के आधिकारिक दस्तावेजों और संबंधित नियामकीय खुलासों से नवीनतम जानकारी की पुष्टि करें।








