केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री रहे एल. मुरुगन का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। मुरुगन ने तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संगठनात्मक विस्तार के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की इच्छा जताई थी। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देने की अनुमति मांगी थी।
एल. मुरुगन का मानना था कि तमिलनाडु में पार्टी के संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करने के लिए उन्हें अधिक समय देने की जरूरत है। इसी वजह से उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपनी जिम्मेदारी छोड़कर राज्य में संगठनात्मक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने की इच्छा व्यक्त की थी।
मुरुगन केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे। उनके इस्तीफे को स्वीकार किए जाने के बाद अब तमिलनाडु में भाजपा के संगठनात्मक कार्यों में उनकी संभावित भूमिका पर ध्यान रहेगा।
तमिलनाडु में भाजपा लंबे समय से अपने संगठन का विस्तार करने और राज्य की राजनीति में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के प्रयास कर रही है। ऐसे में मुरुगन का संगठनात्मक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला पार्टी की राज्य इकाई के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है। हालांकि, उनकी आगे की जिम्मेदारियों और संगठन में भूमिका को लेकर किसी औपचारिक घोषणा की जानकारी उपलब्ध होने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।








