नई दिल्ली: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे रोकने की मांग की है। इस मामले के सामने आने के बाद मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक और कानूनी बहस तेज हो गई है।
ओवैसी की याचिका ऐसे समय में सामने आई है, जब इससे पहले कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के कई नेता भी विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख कर चुके हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे किसी भी पात्र नागरिक का नाम बिना उचित कारण के सूची से बाहर न हो और मतदान का अधिकार सुरक्षित रहे।
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे भी उठा चुके हैं मुद्दा
इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी SIR प्रक्रिया को लेकर याचिका दाखिल की थी। विपक्षी दल इस प्रक्रिया के तरीके, मतदाताओं के सत्यापन और संभावित रूप से पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने से जुड़ी चिंताओं को उठा रहे हैं।








