भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन और उसके बाद बने हालात पर कड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर घटित होने वाली कुछ घटनाएं पूरे भारत की वास्तविक स्थिति या तस्वीर को नहीं दर्शाती हैं, और देश पूरी तरह से सुशासन के मार्ग पर शांति व प्रगति के साथ आगे बढ़ रहा है।
संबित पात्रा का बयान: “राजधानी को बंधक बनाने और हिंसा भड़काने की कोशिश हुई”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कुछ अराजक तत्व पिछले कई दिनों से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अशांति फैलाने और तनाव पैदा करने की साजिश रच रहे थे। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि शनिवार को ऐसे तत्वों की तमाम कोशिशें पूरी तरह विफल साबित हुईं।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा: “दिल्ली को बंधक बनाने, आगजनी और हिंसा भड़काने का प्रयास किया गया, लेकिन आज देश में लोकतंत्र की जीत हुई है, भीड़तंत्र की नहीं।”
धौला कुआं और प्रमुख प्रवेश मार्गों पर कड़ी सुरक्षा और हिरासत
CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से ठीक पहले दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने राजधानी की सीमाओं और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए।
धौला कुआं में सख्ती: प्रदर्शनकारियों को आयोजन स्थल तक पहुँचने से रोकने के लिए धौला कुआं और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों ने कई लोगों को हिरासत में लिया। इनमें सोशल मीडिया के लिए कंटेंट बनाने वाले कुछ लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं।
सघन बैरिकेडिंग और जांच: शहर के प्रवेश मार्गों पर भारी बैरिकेडिंग के साथ-साथ सड़कों पर स्पाइक स्ट्रिप्स भी लगाई गईं। महिला पुलिसकर्मियों समेत कई सुरक्षा एजेंसियों के जवानों ने आने-जाने वाले वाहनों की गहनता से जाँच की।
पुलिस प्रशासन का पक्ष: “कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता”
इस पूरी कार्रवाई के संबंध में डीसीपी कुमार अभिषेक ने जानकारी देते हुए बताया कि नई दिल्ली में प्रदर्शन की घोषणा के मद्देनजर एहतियातन एक बड़ा सुरक्षा और जाँच अभियान चलाया गया था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग इस प्रदर्शन में शामिल होने की योजना बना रहे थे या कानून व्यवस्था बिगाड़ सकते थे, उनमें से कुछ संदिग्धों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह सुरक्षा अभियान पिछली रात से शुरू होकर पूरे दिन लगातार जारी रहा, जिसका एकमात्र उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी में शांति और सार्वजनिक व्यवस्था को सुरक्षित रखना था।








