ट्रंप का रूस पर बड़ा फैसला! डीजल सप्लाई को दी हरी झंडी, जेलेंस्की ने बताया ‘कमजोर कदम’

SHARE:

 

 

अमेरिका-रूस के बीच डीजल सप्लाई को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी डीजल की वैश्विक बाजार में आपूर्ति की अनुमति देने का ऐलान किया है। इसके लिए अमेरिकी वित्त विभाग ने प्रतिबंधों में अप्रैल 2027 तक अस्थायी छूट दी है। ट्रंप के इस फैसले से यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की नाराज हैं। उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए अमेरिकी कदम की आलोचना की है।

 

रूस से लाखों टन डीजल की सप्लाई का दावा

 

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर बताया कि रूस तत्काल 3 लाख टन से अधिक डीजल ईंधन अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उपलब्ध कराएगा। उनके मुताबिक, नवंबर में 5 लाख टन अतिरिक्त डीजल की आपूर्ति की जाएगी। इसके बाद और बड़ी खेप भेजने की योजना का भी जिक्र किया गया।

 

क्रेमलिन ने भी वैश्विक बाजारों में तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करने की अपनी तत्परता जताई है। वहीं, अमेरिकी वित्त विभाग की ओर से जारी अस्थायी लाइसेंस के तहत रूसी डीजल की बिक्री पर लगी पाबंदियों में अप्रैल 2027 तक राहत दी गई है।

 

आखिर ट्रंप ने क्यों बदला अपना रुख?

 

अमेरिका में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच ट्रंप प्रशासन का यह फैसला सामने आया है। ईंधन महंगा होने से आम लोगों, किसानों, पशुपालकों और ट्रांसपोर्ट क्षेत्र पर दबाव बढ़ा है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी नागरिकों को सस्ता ईंधन उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

 

इस बीच ईरान से जुड़े संघर्ष ने भी वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के कारण तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई, जिससे कीमतों में तेजी आई। यह समुद्री मार्ग दुनिया के प्रमुख ऊर्जा आपूर्ति रास्तों में शामिल है।

 

अमेरिका में नवंबर में मध्यावधि चुनाव भी होने हैं। ऐसे में ईंधन की बढ़ती कीमतें ट्रंप प्रशासन के लिए एक अहम राजनीतिक और आर्थिक चुनौती बन सकती हैं।

 

अमेरिका में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल

 

रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी के अंत से अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 46 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 4.37 डॉलर प्रति गैलन हो गई है। वहीं, डीजल की कीमत में लगभग 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई।

 

ट्रंप ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए कई कारणों का जिक्र किया है। उन्होंने यूक्रेन की ओर से रूसी तेल रिफाइनरियों पर किए गए हमलों को भी इसकी एक वजह बताया। हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक आपूर्ति में आई बाधाओं ने भी ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ाया है।

 

जेलेंस्की क्यों हुए नाराज?

 

रूसी डीजल की आपूर्ति को लेकर अमेरिकी फैसले पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस कदम को अपने साझेदारों के लिए अनुचित बताया और इसे कमजोर फैसला करार दिया।

 

दरअसल, रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने मॉस्को पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य रूस की आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्र से होने वाली कमाई पर दबाव बनाना था।

 

ऐसे में रूसी डीजल की बिक्री पर अस्थायी राहत देने के फैसले को रूस के प्रति अमेरिकी नीति में बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। यूक्रेन को आशंका है कि ऊर्जा उत्पादों की बिक्री से रूस को आर्थिक लाभ मिल सकता है।

 

ट्रंप और पुतिन की बातचीत के बाद हुआ ऐलान

 

ट्रंप ने दावा किया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी बातचीत के बाद डीजल आपूर्ति को लेकर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि रूस की ओर से अतिरिक्त ईंधन उपलब्ध होने से अमेरिकी और वैश्विक बाजारों में आपूर्ति बढ़ सकती है।

 

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका में रूसी तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हो रही है। ऐसे में रूसी डीजल की बिक्री पर छूट देने का फैसला अमेरिकी ऊर्जा नीति को लेकर नई बहस पैदा कर सकता है।

 

आगे क्या होगा?

 

रूसी डीजल की अतिरिक्त आपूर्ति से वैश्विक बाजार में ईंधन की उपलब्धता बढ़ने की संभावना है। हालांकि, इसका कीमतों पर कितना असर पड़ेगा, यह आपूर्ति की वास्तविक मात्रा, अंतरराष्ट्रीय मांग और पश्चिम एशिया के हालात पर निर्भर करेगा।

 

दूसरी ओर, इस फैसले से अमेरिका और यूक्रेन के बीच नीतिगत मतभेद भी सामने आए हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि रूस से डीजल की आपूर्ति किस स्तर तक पहुंचती है और क्या इससे अमेरिकी बाजार में ईंधन की कीमतों को कम करने में मदद मिलती है।

Kinni Times
Author: Kinni Times

सबसे ज्यादा पड़ गई