सितंबर के आखिरी दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 30 सितंबर 2026 को उत्तर भारत से लेकर पूर्वी, मध्य और दक्षिणी भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय वेदर सिस्टम के कारण मानसून की वापसी के इस दौर में मौसम प्रभावित हो रहा है। अलग-अलग शहरों में स्थिति भिन्न हो सकती है, इसलिए स्थानीय मौसम अपडेट देखना बेहद जरूरी है।
दिल्ली में तेज हवाओं और बारिश का अनुमान
राजधानी दिल्ली में 30 सितंबर को आसमान में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। दिल्ली में हवा की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते दिन के तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में मौसम का हाल
उत्तर प्रदेश के मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़, आगरा, कानपुर, बरेली और गोरखपुर जैसे जिलों में बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। हाल ही में हुई भारी बारिश से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, इसलिए निचले क्षेत्रों के लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं बिहार के पटना, गया, सिवान, दरभंगा और पूर्णिया जैसे जिलों में भी आंधी-पानी का असर देखा जा सकता है, जहां पटना में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
झारखंड और छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम
झारखंड के रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और पलामू समेत कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और धमतरी जैसे जिलों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा, जहां कुछ स्थानों पर हवा की गति 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में तेज हवाओं का असर
राजस्थान के जयपुर, बीकानेर, अजमेर, सीकर और उदयपुर में मूसलाधार बारिश के साथ 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल, उज्जैन, नीमच और विदिशा सहित कई अन्य हिस्सों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का असर देखने को मिल सकता है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा और अलर्ट
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने का अनुमान है। पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन (Landslide) और सड़कें बाधित होने का खतरा बढ़ जाता है। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल व चमोली, हिमाचल के कुल्लू, कांगड़ा व मंडी और जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग व बारामूला जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।








