नई दिल्ली: भाजपा के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के 2014 और 2024 में सांसद पद की शपथ लेने के तरीके का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर उत्तर और दक्षिण भारत के बीच राजनीतिक विभाजन को लेकर सवाल उठाए।
राहुल गांधी की 2014 और 2024 की शपथ का जिक्र
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी की वर्ष 2014 और 2024 की सांसद पद की शपथ की तुलना करते हुए कहा कि दोनों मौकों पर शपथ लेने के तरीके में अंतर था। उन्होंने विशेष रूप से 2024 में राहुल गांधी द्वारा अंग्रेजी में किए गए ‘solemnly affirm’ यानी गंभीरता से प्रतिज्ञान का उल्लेख किया।
हालांकि, इस मामले में संविधान की स्थिति स्पष्ट है। संविधान की तीसरी अनुसूची में सांसदों के लिए शपथ या प्रतिज्ञान का प्रारूप दिया गया है। इसके तहत सदस्य ईश्वर के नाम पर शपथ ले सकता है या गंभीरता से प्रतिज्ञान कर सकता है। इसलिए केवल प्रतिज्ञान वाले विकल्प का इस्तेमाल अपने आप में संवैधानिक उल्लंघन नहीं है।
राहुल गांधी ने जून 2024 में 18वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली थी। उस समय उनकी शपथ का वीडियो भी सार्वजनिक हुआ था।
उत्तर-दक्षिण राजनीति को लेकर भाजपा का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में त्रिवेदी ने कांग्रेस पर उत्तर और दक्षिण भारत के बीच राजनीतिक विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राष्ट्रीय राजनीति में क्षेत्रीय पहचान और राजनीतिक दलों की रणनीति को लेकर बहस जारी है।
भाजपा और कांग्रेस इस तरह के राजनीतिक मुद्दों पर अलग-अलग दावे और व्याख्याएं पेश करते रहे हैं। ऐसे में नेताओं के आरोपों को उनके राजनीतिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
रेवंत रेड्डी के पुराने बयान का भी जिक्र
सुधांशु त्रिवेदी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नवंबर 2025 में जुबली हिल्स विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान दिए गए एक बयान का भी उल्लेख किया।
रिपोर्टों के मुताबिक, एक चुनावी सभा में रेवंत रेड्डी ने कहा था, “Congress means Muslims and Muslims means Congress.” इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और रेवंत रेड्डी पर निशाना साधा था।
भाजपा नेताओं ने इस बयान को लेकर कांग्रेस पर मुस्लिम मतदाताओं को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया था। वहीं, कांग्रेस की ओर से बयान के संदर्भ और उसके आशय को लेकर अलग प्रतिक्रिया सामने आई थी।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी बहस
सुधांशु त्रिवेदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाए गए मुद्दों में राहुल गांधी की शपथ, कांग्रेस की कथित क्षेत्रीय राजनीति और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के पुराने बयान शामिल रहे। इन मुद्दों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप पहले भी देखने को मिले हैं।
राहुल गांधी की शपथ के मामले में हालांकि यह तथ्य महत्वपूर्ण है कि संविधान सांसदों को शपथ और प्रतिज्ञान, दोनों विकल्प उपलब्ध कराता है।








