नागोया : एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन जारी है। बैडमिंटन के महिला सिंगल्स मुकाबले में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने अपनी लय बरकरार रखते हुए क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। वहीं कबड्डी के मैदान में भारत ने दोहरा इतिहास रचते हुए पुरुष और महिला दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।
पीवी सिंधु की एकतरफा जीत, 41 मिनट में जापानी खिलाड़ी को किया ढेर
इचिनोमिया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेजियम में खेले गए महिला सिंगल्स के प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पीवी सिंधु ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया
पहला गेम: सिंधु ने अपनी जापानी प्रतिद्वंद्वी टोमोका मियाज़ाकी को कोई मौका न देते हुए महज 18 मिनट में पहला गेम 21-9 से अपने नाम किया।
दूसरा गेम: दूसरे गेम में भी मियाज़ाकी वापसी के लिए जूझती नजर आईं और सिंधु ने दबदबा बनाए रखते हुए इसे 21-13 से जीत लिया।
अंतिम आठ में प्रवेश: कुल 41 मिनट तक चले इस एकतरफा मुकाबले में सिंधु ने सीधे सेटों में जीत दर्ज कर अंतिम आठ (Quarter-Finals) में जगह पक्की कर ली।
थ्रिलर मुकाबले में हारे आयुष शेट्टी
बैडमिंटन के पुरुष सिंगल्स वर्ग में भारत को निराशा हाथ लगी। युवा भारतीय खिलाड़ी आयुष शेट्टी का सफर क्वार्टर फाइनल से ठीक पहले थम गया।
चीनी ताइपे के अनुभवी खिलाड़ी चाउ टिएन-चेन के खिलाफ आयुष ने पहला गेम 16-21 से गंवा दिया था।
दूसरे गेम में आयुष ने शानदार वापसी करते हुए 21-19 से जीत दर्ज कर मैच में 1-1 की बराबरी की।
हालांकि, निर्णायक और तीसरे गेम में चाउ टिएन-चेन ने अपने अनुभव का फायदा उठाते हुए 21-17 से जीत हासिल की और मैच 2-1 से अपने नाम कर लिया। इस हार के साथ आयुष शेट्टी प्रतियोगिता से बाहर हो गए।
कबड्डी में भारत की बादशाहत: पुरुषों का 9वां गोल्ड, महिलाओं का खिताब बरकरार
बैडमिंटन के साथ-साथ मैट पर भी भारत का जलवा देखने को मिला। भारतीय कबड्डी टीमों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए ‘डबल गोल्ड’ पर निशाना साधा:
महिला कबड्डी टीम: फाइनल मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर अपना एशियाई खिताब बरकरार रखा।
पुरुष कबड्डी टीम: पुरुष वर्ग के रोमांचक फाइनल में भारतीय टीम ने ईरान के खिलाफ जबरदस्त वापसी करते हुए 40-34 से जीत दर्ज की। दूसरे हाफ में पिछड़ने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल दिखाया।
एशियन गेम्स के इतिहास में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का यह 9वां गोल्ड मेडल है, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि इस खेल में भारत का कोई सानी नहीं है।








