नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस में विशेष ‘पिंक फोर्स’ गठित करने की तैयारी है। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की विशेष गश्ती इकाई तैयार करने के निर्देश दिए। यह इकाई स्कूल-कॉलेज, मेट्रो स्टेशन और अन्य संवेदनशील व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष पेट्रोलिंग करेगी।
संवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी महिला पुलिस की मौजूदगी
प्रस्तावित पिंक फोर्स का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर महिला पुलिसकर्मियों की दृश्यता बढ़ाना और महिलाओं से जुड़े मामलों में तेज प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि संवेदनशील स्थानों और खासकर ऐसे समय में जब महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्कता की जरूरत होती है, वहां विशेष गश्त की जाए।
पिंक फोर्स को गोवा पुलिस की पिंक फोर्स की तर्ज पर विकसित करने की बात कही गई है। इसके जरिए स्कूलों, कॉलेजों, मेट्रो स्टेशनों, बाजारों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने पर जोर रहेगा।
‘ऑपरेशन शिष्टाचार’ के तहत कार्रवाई जारी रखने के निर्देश
बैठक में महिलाओं से छेड़छाड़ और सार्वजनिक स्थानों पर उत्पीड़न के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शिष्टाचार’ को जारी रखने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि ऐसे मामलों में कार्रवाई के साथ-साथ संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की नियमित और प्रभावी गश्त सुनिश्चित की जाए।
उपराज्यपाल ने कहा कि महिलाओं को दिल्ली की हर सड़क पर और हर समय सुरक्षित महसूस होना चाहिए। इसके लिए पुलिस की मौजूदगी, त्वरित प्रतिक्रिया और नागरिकों के साथ बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
पुलिस की योजनाओं के जमीनी असर की हुई समीक्षा
दिल्ली पुलिस मुख्यालय में हुई बैठक में उपराज्यपाल ने 24 जून के बाद पुलिस द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। अधिकारियों से इन योजनाओं के जमीनी प्रभाव और लोगों की प्रतिक्रिया के बारे में जानकारी ली गई।
बैठक में नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग को मजबूत करने और पुलिस व्यवस्था में लोगों का भरोसा बढ़ाने पर जोर दिया गया। पुलिस थानों में आने वाले नागरिकों की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में भी निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई की शिकायतों की होगी डिजिटल ट्रैकिंग
बैठक में जनसुनवाई से जुड़ी शिकायतों की डिजिटल निगरानी को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। शिकायत दर्ज होने से लेकर उसके निस्तारण तक उसकी स्थिति पर नजर रखने और निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई।
यदि कोई शिकायत किसी दूसरे सरकारी विभाग से संबंधित है, तो उसे समय पर संबंधित एजेंसी तक भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्कूलों में बच्चों के लिए जागरूकता कार्यक्रम
महिला सुरक्षा के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में POCSO, बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, नशे और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसके लिए प्रत्येक पुलिस जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त करने और पूरे साल के लिए तिमाही जागरूकता कार्यक्रम तैयार करने को कहा गया है।
पुलिस थानों को स्थानीय स्कूलों और RWA के सहयोग से 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए खेल गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसका उद्देश्य पुलिस और स्थानीय समुदाय के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करना है।
ट्रैफिक और अपराध नियंत्रण पर भी फोकस
बैठक में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। अधिक जाम वाले स्थानों की पहचान करने, पीक आवर्स में पुलिस की दृश्य मौजूदगी बढ़ाने और CCTV तथा ट्रैफिक कंट्रोल रूम के जरिए निगरानी मजबूत करने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा नशा तस्करी के खिलाफ खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई और साइबर अपराध से निपटने के लिए पुलिस थानों की क्षमता बढ़ाने की बात भी कही गई।
पुलिसकर्मियों के कल्याण पर भी जोर
बैठक में पुलिसकर्मियों की समस्याओं और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। पुलिस मुख्यालय में निर्धारित समय पर शिकायतों की सुनवाई, निचले स्तर के पुलिसकर्मियों और महिला कर्मियों की समय पर पदोन्नति तथा पुलिस आवासीय कॉलोनियों को ‘जीरो-वेस्ट कॉलोनी’ के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए।
BRICS सम्मेलन से मिले अनुभव का होगा इस्तेमाल
उपराज्यपाल ने हाल में आयोजित BRICS सम्मेलन के दौरान दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान प्राप्त अनुभवों का इस्तेमाल भविष्य में दिल्ली में होने वाले बड़े आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर बनाने में किया जाना चाहिए।
क्या बदलेगा?
पिंक फोर्स के गठन के बाद महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले स्थानों पर प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की विशेष गश्त बढ़ाने की योजना है। इसके साथ ही ऑपरेशन शिष्टाचार, शिकायतों की डिजिटल निगरानी, स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम और स्थानीय समुदाय के साथ पुलिस के समन्वय पर भी जोर दिया जा रहा है।
इन सभी कदमों का उद्देश्य दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी और महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया को मजबूत करना है।








