लुटियंस दिल्ली में कचरा फैलाना पड़ेगा महंगा, NDMC ने तय किए यूजर चार्ज और जुर्माने

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नई दिल्ली: लुटियंस दिल्ली में कचरा प्रबंधन को लेकर नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने ठोस कचरा प्रबंधन की नई उपविधियों को मंजूरी दे दी है। नई व्यवस्था में जहां अलग-अलग श्रेणी के कचरा उत्पादकों से मासिक यूजर चार्ज लिया जाएगा, वहीं नियमों का उल्लंघन करने पर मौके पर ही जुर्माना लगाने का प्रावधान भी किया गया है।

नई उपविधियों को केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से अधिसूचित किए जाने के बाद इन्हें लागू किया जाएगा। इसके बाद आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े कचरा उत्पादकों पर नए नियम प्रभावी होंगे।

कचरा प्रबंधन के लिए देना होगा मासिक यूजर चार्ज

नई व्यवस्था के तहत आवासीय संपत्तियों के लिए भूखंड के आकार के आधार पर मासिक यूजर चार्ज निर्धारित किया गया है।

50 वर्गमीटर तक के भूखंड: ₹100 प्रति माह
200 वर्गमीटर तक के भूखंड: ₹200 प्रति माह
200 वर्गमीटर से बड़े भूखंड: ₹300 प्रति माह
सड़क किनारे सामान बेचने वाले विक्रेता: ₹200 प्रति माह
वाणिज्यिक प्रतिष्ठान: ₹800 प्रति माह
कार्यालय, बैंक और शैक्षणिक संस्थान: ₹3,000 प्रति माह

इसके अलावा होटल, रेस्तरां, क्लीनिक, शॉपिंग मॉल और पार्टी लॉन जैसी विभिन्न श्रेणियों के लिए मासिक शुल्क ₹3,000 से ₹7,400 तक निर्धारित किया गया है।

30 दिन से ज्यादा बकाया तो लगेगा 10% विलंब शुल्क

NDMC की नई व्यवस्था में यूजर चार्ज का भुगतान समय पर नहीं करने वालों पर भी कार्रवाई का प्रावधान है। यदि शुल्क 30 दिन से अधिक समय तक बकाया रहता है तो बकाया राशि पर 10 प्रतिशत विलंब शुल्क लगाया जाएगा।

इतना ही नहीं, शुल्क या जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में NDMC इसे भूमि कर या संपत्ति कर के बकाये की तरह वसूल सकेगी। इससे बकाया राशि की वसूली के लिए परिषद को अधिक प्रभावी अधिकार मिलेंगे।

सड़क पर कचरा फेंकने पर ₹500 जुर्माना

नई उपविधियों में कचरा फैलाने और उसके उचित पृथक्करण को लेकर भी सख्त प्रावधान किए गए हैं।

सड़क पर कचरा फैलाने, वाहन से कचरा फेंकने और घरेलू कचरे को अलग-अलग नहीं करने जैसे उल्लंघनों पर ₹500 का जुर्माना लगाया जा सकता है।

वहीं, खुले में कचरा जलाने, निर्माण एवं विध्वंस (C&D) कचरे को गलत तरीके से डालने और वाणिज्यिक कचरे का उचित पृथक्करण नहीं करने जैसे मामलों में ₹7,500 तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।

बिना लाइसेंस बड़े कार्यक्रम पर ₹15 हजार का जुर्माना

नई व्यवस्था में बड़े आयोजनों को लेकर भी नियम निर्धारित किए गए हैं। 100 से अधिक लोगों वाले बिना लाइसेंस कार्यक्रम का आयोजन करने पर ₹15,000 तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।

इसका उद्देश्य बड़े आयोजनों के दौरान उत्पन्न होने वाले कचरे के उचित प्रबंधन और आयोजकों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करना है।

Bulk Waste Generators के लिए नियम होंगे और सख्त

आरडब्ल्यूए, होटल, रेस्तरां और अन्य बल्क वेस्ट जनरेटर यानी बड़ी मात्रा में कचरा पैदा करने वाली संस्थाओं के लिए भी नई उपविधियों में कड़े प्रावधान किए गए हैं।

डिफॉल्ट की स्थिति में इन पर ₹15,000 से ₹74,000 तक मासिक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा मौके पर कचरे के प्रसंस्करण की व्यवस्था नहीं करने पर ₹50,000 की अतिरिक्त पेनल्टी का प्रावधान है।

औद्योगिक इकाइयों पर ₹1.48 लाख तक जुर्माना

औद्योगिक इकाइयों और निर्माताओं के लिए भी पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के पालन को लेकर सख्ती की गई है। नियमों के उल्लंघन पर ₹1.48 लाख तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

नई व्यवस्था का उद्देश्य कचरे के उत्पादन से लेकर उसके संग्रह, पृथक्करण, प्रसंस्करण और निपटान तक जिम्मेदारी तय करना है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय की अधिसूचना के बाद लागू होंगे नियम

NDMC परिषद की बैठक में नई ठोस कचरा प्रबंधन उपविधियों को मंजूरी दी गई है। अब इन उपविधियों को केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से अधिसूचित किया जाना है। अधिसूचना के बाद नए यूजर चार्ज और जुर्माने से जुड़े प्रावधान प्रभावी होंगे।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद लुटियंस दिल्ली में कचरा प्रबंधन केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कचरा पैदा करने वालों की जिम्मेदारी और आर्थिक जवाबदेही भी तय होगी।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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