देश के कई हिस्सों में सितंबर के बीच मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कहीं आसमान में बादल छाए हुए हैं और बारिश का दौर जारी है, तो कई इलाकों में बारिश की कमी के कारण गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। मौसम में इस बदलाव का असर दिल्ली-NCR से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई राज्यों में देखने को मिल रहा है।
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में आज मौसम में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर बारिश या हल्की बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है। बारिश होने की स्थिति में लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है, हालांकि वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण उमस परेशान कर सकती है।
उत्तर प्रदेश में भी कई जिलों में बादल और बारिश की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ मध्य और पूर्वी हिस्सों में मौसम अलग-अलग रूप ले सकता है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश तो कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। बारिश के बाद तापमान में मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है।
बिहार और झारखंड के कई हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। वहीं, राजस्थान के कई हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत गर्म रह सकता है। हालांकि कुछ इलाकों में बादल और स्थानीय स्तर पर बारिश की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।
मध्य प्रदेश में भी कई जगहों पर बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं। महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश का असर देखने को मिल सकता है, जबकि मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में मौसम में नमी और बादलों की मौजूदगी बनी रह सकती है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का असर बना हुआ है। पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। वहीं, पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी मौसम बदलने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर भूस्खलन और सड़क यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
दक्षिण भारत की बात करें तो केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। तटीय क्षेत्रों में बादल और नमी के कारण मौसम अपेक्षाकृत बदलता हुआ नजर आ सकता है।
इस बीच देश में सितंबर के दौरान गर्मी और बारिश के असामान्य पैटर्न का असर बिजली की मांग पर भी पड़ रहा है। 10 सितंबर को देश की पीक बिजली मांग करीब 269 गीगावाट तक पहुंच गई, जो सितंबर महीने के लिए रिकॉर्ड स्तर बताया गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार गर्मी, बारिश की कमी और सिंचाई की बढ़ती जरूरत बिजली की मांग बढ़ने की प्रमुख वजहों में शामिल हैं।
कुल मिलाकर आज देश के कई हिस्सों में मौसम मिला-जुला रहने वाला है। जहां कुछ राज्यों में बारिश और बादलों से लोगों को राहत मिल सकती है, वहीं कई इलाकों में उमस और गर्मी का असर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को अपने क्षेत्र के स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और बारिश या गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।





