अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए एक नया अल्टीमेटम दिया है और तेहरान से मध्य पूर्व में हुए भारी नुकसान और मौतों का मुआवजा मांगने का ऐलान किया है. ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर स्पष्ट किया कि पश्चिमी एशिया में जारी हिंसा और अस्थिरता के लिए केवल ईरान जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि लेबनान, सीरिया, यमन और गाजा में जो व्यापक तबाही हुई है और निर्दोष लोगों की जानें गई हैं, उसकी सीधी जवाबदेही तेहरान शासन पर तय की जानी चाहिए.
अनिवार्य शर्त के रूप में शामिल किया जाए
यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम, समुद्री मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को फिर से खोलने और सैन्य गतिरोध खत्म करने को लेकर बातचीत का दौर चल रहा है. ईरान द्वारा हाल के सैन्य संघर्ष में हुए नुकसान के एवज में अमेरिकी प्रतिबंध हटाने और मुआवजे की मांग रखे जाने के बाद ट्रंप ने पलटवार करते हुए यह नया रुख अपनाया है. ट्रंप ने ईरानी मांग को पूरी तरह खारिज करते हुए अपने वार्ताकारों को निर्देश दिया है कि भविष्य में ईरान के साथ होने वाली किसी भी बातचीत में अमेरिकी क्षतिपूर्ति की मांग को अनिवार्य शर्त के रूप में शामिल किया जाए.
मुआवजे की मांग उठाई
अमेरिकी राष्ट्रपति ने केवल वर्तमान संघर्ष ही नहीं, बल्कि पिछले पांच दशकों के दौरान हुए हमलों का हिसाब मांगते हुए कहा कि ईरान को अमेरिकी सैनिकों पर हुए सड़क किनारे बम (आईईडी) हमलों, 2000 में हुए यूएसएस कोल हमले और अन्य संघर्षों में मारे गए पीड़ितों के परिवारों को हर्जाना देना होगा. इसके अलावा ट्रंप ने ईरान में पिछले दशकों के दौरान सरकार विरोधी प्रदर्शनों में मारे गए निर्दोष नागरिकों के परिवारों के लिए भी आर्थिक मुआवजे की मांग उठाई है.








