2022 के विधानसभा नतीजों, 2024 के लोकसभा ट्रेंड्स और SIR के बाद बदले वोटरों का विश्लेषण
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में भले ही अभी समय शेष हो, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिले सहारनपुर में राजनीतिक गोटियां बिछनी शुरू हो गई हैं। मुस्लिम, गुर्जर, सैनी, कश्यप और एससी (अनुसूचित जाति) बहुल इस क्षेत्र की तीन प्रमुख विधानसभा सीटों—सहारनपुर नगर, नकुड़ और बेहट—के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान रुझानों में बड़ा बदलाव देखा गया है।
इसके साथ ही, हालिया विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में फर्जी व अनुपस्थित नामों के हटने से जिले में बड़ी संख्या में वोटरों की कटौती हुई है, जो 2027 के चुनाव परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
सहारनपुर नगर विधानसभा सीट
2022 विधानसभा परिणाम: बीजेपी के राजीव गुम्बर ने समाजवादी पार्टी के संजय गर्ग को लगभग 7,434 वोटों के अंतर से हराया था (बीजेपी: ~1.43 लाख, सपा: ~1.35 लाख)।
2024 लोकसभा चुनाव ट्रेंड: लोकसभा चुनाव के दौरान इस विधानसभा क्षेत्र में सपा-कांग्रेस (INDIA) गठबंधन ने बीजेपी-आरएलडी (NDA) गठबंधन पर करीब 5,000 वोटों की बढ़त हासिल की।
SIR के बाद बदलाव: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद सहारनपुर नगर सीट में सर्वाधिक 73,713 मतदाताओं के नाम कम हुए हैं। मतदाता संख्या घटने से यहां अब बूथ प्रबंधन और माइक्रो-प्लानिंग दोनों प्रमुख राजनीतिक गठबंधनों के लिए बड़ी चुनौती होगी।
नकुड़ विधानसभा सीट
2022 विधानसभा परिणाम: बेहद रोमांचक और करीबी मुकाबले में बीजेपी के मुकेश चौधरी ने सपा उम्मीदवार को मात्र 315 वोटों के मामूली अंतर से मात दी थी।
2024 लोकसभा चुनाव ट्रेंड: 2024 के आम चुनाव में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह पलट गए। INDIA गठबंधन को इस विधानसभा क्षेत्र से लगभग 1.26 लाख वोट मिले, जबकि NDA गठबंधन 92,000 वोटों के आसपास सिमट गया, जिससे विपक्ष को 33,791 वोटों की बड़ी बढ़त मिली।
SIR के बाद बदलाव: SIR पुनरीक्षण के बाद नकुड़ विधानसभा क्षेत्र से करीब 28,055 मतदाताओं के नाम कटे हैं। यहां मुस्लिम, एससी और ओबीसी जातियों (विशेषकर गुर्जर व सैनी) की गोलबंदी निर्णायक रहेगी।
बेहट विधानसभा सीट
2022 विधानसभा परिणाम: समाजवादी पार्टी के उमर अली खान ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को 37,880 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी थी।
2024 लोकसभा चुनाव ट्रेंड: 2024 के चुनाव में भी सपा-कांग्रेस गठबंधन का दबदबा कायम रहा और उसने NDA गठबंधन (बीजेपी-RLD) पर करीब 38,000 वोटों की मजबूत बढ़त बनाए रखी।
SIR के बाद बदलाव: मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) के बाद बेहट सीट से करीब 33,496 मतदाता कम हुए हैं। मुस्लिम, एससी, सैनी और कश्यप मतदाताओं का गठजोड़ इस सीट पर हमेशा से मुख्य फैक्टर रहा है।
2027 की लड़ाई पर निष्कर्ष
सहारनपुर की इन तीनों विधानसभा सीटों का तुलनात्मक विश्लेषण दिखाता है कि 2022 में जहां बीजेपी ने सहारनपुर नगर और नकुड़ में सफलता हासिल की थी, वहीं 2024 के लोकसभा चुनावों में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने तीनों ही क्षेत्रों में अपनी मजबूत पकड़ और बढ़त दिखाई है।
2027 का चुनाव केवल पारंपरिक जातीय समीकरणों या राजनीतिक दलों के गठबंधनों पर निर्भर नहीं रहेगा, बल्कि SIR के बाद घटे मतदाताओं के नए गणित और प्रत्याशियों के स्थानीय चेहरे पर भी काफी हद तक निर्भर करेगा।








