यूपी चुनाव 2027: कांग्रेस सांसदों की राहुल गांधी को सलाह, सपा संग जल्द तय हो गठबंधन

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लोकसभा 2024 की तर्ज पर 2027 में भी साथ चुनाव लड़ने का सुझाव; जीतने योग्य सीटों पर फोकस

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सुगबुगाहट तेज हो गई है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच फिर से गठबंधन को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। हाल ही में राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के कांग्रेस सांसदों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल रहीं। सूत्रों के अनुसार, सांसदों ने एक सुर में राय दी कि 2027 का चुनाव सपा के साथ मिलकर लड़ना ही पार्टी के हित में रहेगा।

सांसदों ने नेतृत्व से आग्रह किया कि कार्यकर्ताओं के बीच किसी भी भ्रम को दूर करने के लिए गठबंधन को समय रहते अंतिम रूप दिया जाना चाहिए। बैठक में यह रणनीति भी सामने आई कि कांग्रेस को केवल संख्या बल के लिए ज्यादा सीटों की जिद करने के बजाय उन सीटों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जहां उसकी जीत की संभावना सबसे मजबूत हो।

बैठक और चुनावी रणनीति के मुख्य बिंदु

लोकसभा चुनाव 2024 की सफलता का हवाला: सांसदों का मानना है कि 2024 के लोकसभा चुनावों में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था, और उसी सफल मॉडल को 2027 के विधानसभा चुनावों में भी दोहराया जाना चाहिए।

राहुल गांधी का रुख: राहुल गांधी ने बैठक में गठबंधन या सीट बंटवारे पर फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, हालांकि बातचीत की प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं।

जमीनी स्तर पर तैयारी और सर्वे: यूपी कांग्रेस के नए प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम सीटों की जमीनी स्थिति का आकलन कर रहे हैं। पार्टी विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अपनी वास्तविक ताकत और जनाधार जानने के लिए आंतरिक सर्वे भी करा रही है।

यदि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मिलकर मैदान में उतरती हैं, तो उत्तर प्रदेश का मुकाबला बेहद दिलचस्प हो सकता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सीट शेयरिंग के फार्मूले पर दोनों दल किस तरह से अंतिम सहमति बनाते हैं।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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