मध्य पूर्व संकट के बीच PM मोदी और नेतन्याहू की अहम बातचीत

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मध्य पूर्व में ईरान और इज़राइल के बीच जारी भारी तनाव के बीच एक बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिली है। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय स्थिति पर विस्तृत चर्चा की है। इस उच्चस्तरीय बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और इज़राइल के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर ज़ोर दिया, साथ ही पश्चिम एशिया के मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य पर अपने विचार साझा किए।

भारत के बढ़ते कूटनीतिक प्रभाव को रेखांकित करता
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब 28 फरवरी 2026 को ईरान पर इज़राइल और अमेरिका की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद से पूरे मध्य पूर्व में तनाव काफी गहरा गया था। उस घटनाक्रम के बाद से ही क्षेत्र में पूर्ण युद्ध का खतरा मंडरा रहा है, जिससे न केवल क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हुई है, बल्कि वैश्विक बाज़ारों और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर भी अनिश्चितता का माहौल बन गया है। ऐसे नाजुक वक्त में इज़राइली नेतृत्व का भारतीय प्रधानमंत्री से संपर्क साधना अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत के बढ़ते कूटनीतिक प्रभाव को रेखांकित करता है।

एशिया में शांति बेहद महत्वपूर्ण
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर भारत के स्पष्ट और संतुलित रुख को दोहराया। भारत लगातार इस संघर्ष में सभी पक्षों से संयम बरतने, सैन्य टकराव रोकने और कूटनीति व संवाद के रास्ते पर लौटने की अपील करता आ रहा है। भारत के लिए पश्चिम एशिया में शांति बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस क्षेत्र में लाखों भारतीय नागरिक रहते हैं और देश की ऊर्जा सुरक्षा भी काफी हद तक इसी इलाके से जुड़ी हुई है। ऐसे में पीएम मोदी और नेतन्याहू के बीच हुई यह बातचीत आने वाले दिनों में क्षेत्रीय शांति की दिशा में अहम मानी जा रही है।

Kinni Times
Author: Kinni Times