राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन और संसद मार्च के बाद अब सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर नया विवाद छिड़ गया है। आंदोलन के दौरान कुछ छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से अभद्र और अपशब्दों का इस्तेमाल करने के वीडियो सामने आए थे, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (IFSO) ने एफआईआर दर्ज कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसे कंटेंट हटाने के निर्देश दिए हैं।
कोशिश बताकर सरकार की घेराबंदी कर रहे
इसी कार्रवाई के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और खोजी पत्रकार सौरव दास ने पुलिस और प्रशासन के रवैये पर कड़ा एतराज जताया है। सौरव दास ने पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस देश में असंतोष जताना या अपशब्द कहना किस कानून के तहत इतना बड़ा अपराध बन गया कि सीधे पुलिस की कार्रवाई शुरू कर दी जाए। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा, “अपने हक और भविष्य की लड़ाई लड़ रहे युवाओं को इस तरह टारगेट करना बंद कीजिए। पुलिस का यह रवैया पूरी तरह से गलत है।”उल्लेखनीय है कि जंतर-मंतर पर करीब 36 दिनों तक चले इस छात्र आंदोलन में लाठीचार्ज और झड़प की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। एक तरफ जहां पुलिस अपशब्द वाले वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट्स पर सख्ती बरत रही है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल और CJP नेता इसे युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश बताकर सरकार की घेराबंदी कर रहे हैं।








