तमिलनाडु में NEET और EWS आरक्षण पर सियासी घमासान: एम.के. स्टालिन का TVK सरकार पर हमला

SHARE:

द्रविड़ कड़गम (DK) की बाइक रैली को अनुमति न मिलने पर विवाद; के. वीरमणि ने कहा— “अदालत में देंगे चुनौती”
तमिलनाडु की राजनीति में NEET परीक्षा और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) आरक्षण के विरोध को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। द्रविड़ कड़गम (DK) द्वारा आयोजित की जाने वाली चार दिवसीय राज्यव्यापी दोपहिया वाहन रैली को पुलिस से अनुमति न मिलने के बाद द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने राज्य की TVK सरकार और मुख्यमंत्री विजय पर तीखा हमला बोला है।

“लाल और पीला मिलाने से भगवा बन रहा” — स्टालिन का आरोप
DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने आरोप लगाया कि TVK सरकार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दबाव में काम कर रही है और राज्य में सामाजिक न्याय के आंदोलनों को दबाने में लगी है।

पेरियार थिडल पर पुलिस तैनाती पर सवाल: स्टालिन ने पूछा कि जो सरकार खुद को थंथई पेरियार की विचारधारा पर चलने वाला बताती है, उसने चेन्नई स्थित ‘पेरियार थिडल’ परिसर में भारी पुलिस बल क्यों तैनात कर दिया?

लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन: उन्होंने कहा कि द्रविड़ संगठनों का इतिहास हमेशा से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रदर्शनों का रहा है। फिर किसके इशारे पर इस रैली पर रोक लगाई गई?

तीखा तंज: स्टालिन ने तंज कसते हुए कहा— “ऐसा लगता है कि लाल और पीला रंग मिलाने से अब भगवा रंग बनने लगा है।”

कानूनी रास्ते पर चलेगा द्रविड़ कड़गम (DK)
द्रविड़ कड़गम के अध्यक्ष के. वीरमणि ने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की है।

ऐतिहासिक रूप से पहला मौका: वीरमणि ने कहा कि तमिलनाडु के इतिहास में किसी भी सरकार ने सामाजिक न्याय से जुड़े अभियानों पर इस तरह प्रतिबंध नहीं लगाया था।

रैली फिलहाल स्थगित: उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन चाहता तो प्रतिबंध के बावजूद रैली निकाल सकता था, लेकिन कानून का पालन करते हुए इसे टाल दिया गया है।

अदालत में देंगे चुनौती: के. वीरमणि ने घोषणा की कि पुलिस के इस प्रशासनिक आदेश को अब हाई कोर्ट में कानूनी रूप से चुनौती दी जाएगी।

क्या था अभियान का उद्देश्य?
द्रविड़ कड़गम की योजना 30 जुलाई से 2 अगस्त तक राज्य भर में युवाओं, छात्रों और महिला विंग की सहभागिता के साथ दोपहिया रैली निकालने की थी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार से NEET परीक्षा को तुरंत रद्द करने और EWS (10% आर्थिक आरक्षण) को समाप्त करने की मांग करना था।

राजनीतिक माहौल गर्माया:
रैली भले ही फिलहाल स्थगित कर दी गई हो, लेकिन इस मुद्दे ने तमिलनाडु में TVK सरकार, DMK और केंद्र के बीच एक नई राजनीतिक और कानूनी जंग की शुरुआत कर दी है।

Kinni Times
Author: Kinni Times