नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। राष्ट्रपति ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
प्रह्लाद जोशी फिलहाल केंद्र सरकार में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। अब वे अपने मौजूदा मंत्रालय के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय में स्वीकार किया गया है, जब नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा था। कई दिनों तक चले विरोध-प्रदर्शनों, राजनीतिक दबाव और सरकार के साथ बातचीत के बाद यह बड़ा फैसला सामने आया।
प्रह्लाद जोशी केंद्र सरकार के अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। वे इससे पहले संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से वे लगातार कई बार सांसद चुने जा चुके हैं।
सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए जल्द ही सख्त कदम उठाए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, पेपर लीक रोकने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संसद में नया कानून भी लाया जा सकता है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने को केंद्र सरकार का महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक कदम माना जा रहा है








