वाटर कैनन की बौछारों के बीच ‘रेन डांस’ से उपद्रव तक, कई घंटे अफरा-तफरी
बिहार की राजधानी पटना बुधवार को रणक्षेत्र में तब्दील हो गई। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे छात्रों का प्रदर्शन अचानक उस समय हिंसक रूप ले बैठा, जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखा टकराव शुरू हो गया। जेपी गोलंबर, व्यस्ततम डाकबंगला चौराहा और बेली रोड कई घंटों तक उपद्रव और अफरा-तफरी का मुख्य केंद्र बने रहे। प्रदर्शन खत्म होने के बाद सड़कों पर चारों ओर ईंट-पत्थर और कांच के टुकड़े बिखरे पड़े थे, जो इस हिंसक झड़प की गंभीरता को बयां कर रहे थे।
वाटर कैनन के सामने ‘रेन डांस’ से बदला माहौल
शुरुआत में जब भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, तो माहौल थोड़ा अलग दिखा। छात्रों का एक गुट पीछे हटने के बजाय पानी की बौछारों के बीच ही ‘रेन डांस’ करने लगा और पुलिस की तैयारियों पर टिप्पणी करने लगा, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए। हालांकि, यह स्थिति ज्यादा देर नहीं टिकी और जल्द ही प्रदर्शन ने बेहद उग्र रूप ले लिया:
पुलिस वाहनों में तोड़फोड़: डाकबंगला चौराहे के पास भीड़ के बीच पुलिस की दो गाड़ियां फंस गईं। आरोप है कि उग्र प्रदर्शनकारियों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दोनों गाड़ियों के शीशे चकनाचूर कर दिए और उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया।
मेट्रो साइट से पथराव: मेट्रो निर्माण स्थल से पत्थर उठाकर पुलिस बल पर अंधाधुंध पथराव शुरू कर दिया गया। अचानक हुए इस हमले से पुलिसकर्मियों को कुछ समय के लिए पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।
दारोगा समेत कई जवान घायल: पथराव में एक दारोगा गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े, जिन्हें साथी जवानों ने बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
CCTV और वायरल वीडियो से बलवाइयों की पहचान में जुटी पुलिस: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतने अलग-अलग रास्तों से एक साथ भारी भीड़ जुटने का अनुमान नहीं था। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और राजधानी में सुरक्षा सख्त कर दी गई है। पुलिस प्रशासन अब उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की मदद से कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
इस घटना के बाद अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से रास्ता निकलेगा या फिर विरोध-प्रदर्शन का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।








