नई दिल्ली: नोएडा भूमि मुआवजा घोटाले से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। अब इस पूरे मामले की आगे की जांच उत्तर प्रदेश राज्य विजिलेंस ब्यूरो करेगा।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की दलीलों पर विचार करने के बाद यह आदेश जारी किया। अदालत ने कहा कि अब जांच की जिम्मेदारी राज्य विजिलेंस ब्यूरो को सौंपी जाती है।
यह मामला नोएडा प्राधिकरण द्वारा भूमि अधिग्रहण के दौरान कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ अधिकारियों ने चुनिंदा जमीन मालिकों और किसानों के साथ मिलीभगत कर नियमों से अधिक और अवैध तरीके से करोड़ों रुपये का मुआवजा जारी किया।

जांच में यह भी सामने आया कि इस कथित घोटाले में एक संगठित नेटवर्क के जरिए करीब 10 प्रतिशत तक नकद कमीशन लेने का खेल चल रहा था, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी ने मामले की विस्तृत जांच कर अपनी अंतिम रिपोर्ट अदालत को सौंप दी थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर अब तक छह एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
अब राज्य विजिलेंस ब्यूरो इस मामले की आगे की जांच करेगा और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।
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