भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हालिया दिन एक बेहद ही अजीब और विरोधाभासी दौर लेकर आए हैं। इंग्लैंड की सरजमीं पर एक तरफ जहां भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को टी20 सीरीज में बेहद शर्मनाक प्रदर्शन का सामना करना पड़ा है, वहीं दूसरी तरफ हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर इतिहास रचते हुए पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। एक ही समय पर पुरुष टीम की विफलता और महिला टीम की इस अभूतपूर्व सफलता ने खेल प्रेमियों के बीच एक बड़ी बहस छेड़ दी है।
257 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया
भारतीय पुरुष टीम नए टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में इंग्लैंड दौरे पर पांच मैचों की टी20 द्विपक्षीय सीरीज खेलने उतरी थी। सीरीज का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ने के बाद, अगले चारों मुकाबलों में मेजबान इंग्लैंड ने भारतीय टीम को हर मोर्चे पर पस्त किया। आखिरी मुकाबले में इंग्लैंड ने जोस बटलर के 131 रनों की बदौलत 257 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में भारतीय टीम महज 201 रन ही बना सकी और 56 रनों से मैच गंवा बैठी।
विश्व की चौथी सबसे बड़ी जीत
इस 0-4 की करारी हार के साथ ही भारतीय पुरुष टीम के नाम एक अवांछित रिकॉर्ड दर्ज हो गया है, क्योंकि टीम इंडिया के इतिहास में यह पहली बार है जब उसने किसी द्विपक्षीय टी20 सीरीज में चार मैच गंवाए हैं। हाल ही में टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जीतने वाली भारतीय टीम के इस लचर प्रदर्शन के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर की रणनीतियों पर तीखे सवाल उठने लगे हैं। लगातार टीम में हो रहे बदलावों, खिलाड़ियों के रेस्ट और द्विपक्षीय सीरीज में लचर बल्लेबाजी दृष्टिकोण के चलते गंभीर और टीम मैनेजमेंट आलोचकों के सीधे निशाने पर आ गए हैं।
पुरुष टीम की इस मायूसी के बीच, क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले प्रतिष्ठित लॉर्ड्स मैदान से एक ऐसी खबर आई जिसने भारतीय फैंस को जश्न मनाने का मौका दे दिया। लॉर्ड्स के मैदान पर खेले गए पहले ऐतिहासिक महिला टेस्ट मैच में भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड को 270 रनों के विशाल अंतर से शिकस्त दी। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में रनों के लिहाज से यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी और विश्व की चौथी सबसे बड़ी जीत है।








