सुप्रीम कोर्ट ने देश के बहुचर्चित राजा रघुवंशी मर्डर केस की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर फिलहाल अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि चूंकि आरोपी पहले ही जेल से रिहा हो चुकी है, इसलिए अदालत इस चरण पर दखल नहीं देना चाहती। हालांकि, कोर्ट ने इस मामले में मेघालय हाईकोर्ट के रुख और फैसले के आधार पर गंभीर “असंतोष और आपत्तियां” (Reservations) जताई हैं। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ ने मेघालय सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 9 जुलाई 2026 को होगी।
हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा देते
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने एक महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत को दोहराते हुए कहा, “हम इस बात से अवगत हैं कि आरोपी कुछ समय तक हिरासत में रह चुकी है। कानून का स्थापित नियम है कि ‘जमानत एक नियम है और जेल एक अपवाद’। अपराध चाहे कितना भी जघन्य क्यों न हो, हमें एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाना होगा। अदालत ने कहा कि अगर आरोपी जेल से रिहा नहीं हुई होती, तो वे पहली नजर (Prima Facie) में हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा देते। लेकिन न्यायिक आदेश के बाद बाहर आ चुके व्यक्ति को सीधे वापस जेल भेजने से पहले कोर्ट को गहराई से विचार करना होगा।
पूर्व-नियोजित मर्डर” करार दिया
मेघालय सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस मामले को “बेहद चौंकाने वाला और पूर्व-नियोजित मर्डर” करार दिया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि निचली अदालत और मेघालय हाईकोर्ट ने आरोपी को केवल एक तकनीकी और लिपिकीय त्रुटि (Clerical Error) के आधार पर जमानत दे दी।








