बिहार में सस्पेंड अफसरों पर सख्ती! अब निलंबन में भी करना होगा फील्ड वर्क

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बिहार सरकार का राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग इन दिनों भ्रष्ट और कामचोर अधिकारियों के खिलाफ पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रहा है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए विभाग ने हाल के दिनों में कई दागदार और लापरवाह अधिकारियों पर नकेल कसी है, जिनके खिलाफ विभागीय आरोप पत्र (प्रपत्र ‘क’) जारी किए गए हैं और कई राजस्व अधिकारियों को निलंबित (Suspend) भी किया गया है। इसी कड़ी में अब विभाग ने सस्पेंड चल रहे अधिकारियों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए एक नया और बेहद सख्त फरमान जारी कर दिया है।

हाजिरी बनाकर गायब होने वाले खेल पर लगी रोक

आमतौर पर निलंबन अवधि के दौरान अधिकारियों को एक तय जिला मुख्यालय या कार्यालय से संबद्ध (Attach) कर दिया जाता था। नए फरमान के सामने आने से पहले तक, कई निलंबित अधिकारी सुबह मुख्यालय आकर सिर्फ अपनी हाजिरी (Attandance) दर्ज कराते थे और फिर आराम करने अपने घर वापस चले जाते थे। विभाग को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि सस्पेंडेड अफसर निलंबन को एक तरह की ‘पेड लीव’ (Paid Leave) यानी सवैतनिक छुट्टी मानकर घर पर समय बिता रहे हैं। अब नीतीश सरकार के राजस्व विभाग ने इस पुराने ढर्रे को पूरी तरह से बदल दिया है।

निलंबन में भी अब करना होगा फील्ड वर्क

विभाग द्वारा जारी किए गए नए आदेश के मुताबिक, अब निलंबित अधिकारियों को मुख्यालय में सिर्फ हाजिरी बनाकर घर लौटने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी। हाजिरी दर्ज कराने के तुरंत बाद इन पदाधिकारियों को बकायदा फील्ड में तैनात किया जाएगा और उनसे जमीन से जुड़े जरूरी काम लिए जाएंगे। विभाग का साफ कहना है कि जब तक निलंबन की अवधि जारी है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) मिल रहा है, तब तक उन्हें घर पर बैठने के बजाय विभागीय कार्यों में अपना योगदान देना होगा।

Kinni Times
Author: Kinni Times