गाजियाबाद। हाल ही में लखनऊ और दिल्ली में हुई आग की घटनाओं के बाद गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने जिलेभर में अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान विभिन्न संस्थानों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पाए जाने पर प्राधिकरण ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 62 प्रतिष्ठानों को सील कर दिया।
GDA अधिकारियों के अनुसार, तीन अलग-अलग टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आवासीय सोसाइटियों, होटल, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट, अस्पताल, कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कुल 206 संस्थानों में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी कमियां सामने आईं, जिसके बाद संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी किए गए।
होटल और नर्सिंग होम भी कार्रवाई की जद में
प्राधिकरण की कार्रवाई के तहत जिन प्रतिष्ठानों को सील किया गया है, उनमें एक नर्सिंग होम और दो होटल भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिन भवनों में फायर सेफ्टी नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया गया, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं।
फायर एनओसी और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच
GDA उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान फायर विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (Fire NOC), फायर अलार्म सिस्टम, हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर और आपातकालीन निकास मार्गों की स्थिति की जांच की जा रही है। अब तक 206 मामलों में कमियां चिन्हित की गई हैं और कई मामलों में प्रवर्तन कार्रवाई भी की जा चुकी है।
RWA को जारी किए गए निर्देश
प्राधिकरण ने जिले की उन सभी हाउसिंग सोसाइटियों की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को पत्र भेजकर अग्निशमन प्रणालियों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अग्निशमन विभाग को मिला वित्तीय सहयोग
GDA के मुताबिक जन सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए अग्निशमन विभाग को लगभग 100 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। इस राशि का उपयोग आधुनिक फायर फाइटिंग उपकरणों, विशेष अग्निशमन वाहनों और अन्य संसाधनों की खरीद में किया जाएगा, जिससे भविष्य में आग की घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
लोगों से की गई ये अपील
प्राधिकरण ने नागरिकों और संस्थानों से अपील की है कि—
- फायर ड्राइव-वे और इमरजेंसी एग्जिट को अवरोध मुक्त रखें।
- फायर अलार्म और अग्निशमन उपकरणों का नियमित रखरखाव कराएं।
- फायर एनओसी का समय पर नवीनीकरण करवाएं।
- स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण या अतिक्रमण से बचें।
- प्रशिक्षित फायर सेफ्टी स्टाफ की नियुक्ति करें।
- समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित कर लोगों को जागरूक बनाएं।
GDA का कहना है कि जिले में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।








