दिल्ली में सैदुलाजाब में अवैध निर्माण वाली इमारत ढहने से छह लोगों की मौत और हौजरानी के होटल अग्निकांड में 22 लोगों की जान जाने के बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। इन दोनों घटनाओं के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जिम्मेदारी तय करने के लिए नई रणनीति लागू करने का फैसला किया है।
नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी इलाके में होने वाले अवैध निर्माण के लिए संबंधित बीट अफसरों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी बीट अफसरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र में नियमित गश्त करें और निर्माण गतिविधियों पर नजर रखें।
यदि किसी स्थान पर निर्माण कार्य होता हुआ दिखाई देता है, तो बीट अफसर मकान मालिक से नगर निगम की स्वीकृति और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी लेंगे। इसके बाद संबंधित निर्माण की लिखित सूचना नगर निगम को भेजी जाएगी ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निगम की ओर से सूचना मिलने के बाद भी कार्रवाई नहीं होती है, तो बीट अफसर सीधे जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) को इसकी जानकारी देंगे। इसके बाद संबंधित डीसीपी स्वयं मामले की निगरानी करेंगे और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे।
प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से अवैध निर्माण पर समय रहते रोक लगाई जा सकेगी और भविष्य में सैदुलाजाब तथा हौजरानी जैसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी।







