दिल्ली में लगातार बढ़ती गर्मी और 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचते तापमान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। अदालत ने खासतौर पर वकीलों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें वर्चुअल माध्यम से सुनवाई में शामिल होने की भावपूर्ण अपील की है।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ एक ऐसी याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दिल्ली की अदालतों में पूरी तरह ऑनलाइन सुनवाई व्यवस्था लागू करने की मांग की गई थी।

सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि बिना वकीलों की व्यावहारिक परेशानियों को समझे कोई सख्त न्यायिक आदेश देना उचित नहीं होगा। हालांकि अदालत ने यह जरूर माना कि मौजूदा मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए वर्चुअल सुनवाई सबसे सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प बनकर सामने आई है।
सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इस भीषण गर्मी में सार्वजनिक परिवहन से सफर करना खासकर वरिष्ठ और बुजुर्ग वकीलों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जोखिम भरा हो सकता है। अदालत ने याचिकाकर्ता की पहल की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक के इस दौर में ऑनलाइन सुनवाई न्याय व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने का प्रभावी माध्यम साबित हो सकती है।
कोर्ट की इस अपील को वकीलों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
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