नई दिल्ली के भाटी गांव थाना मैदानगढ़ी इलाके से एक बार फिर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, फॉर्म नंबर 18, कृष्ण फार्म, गुरुजी आश्रम के पीछे स्थित भूमि, जो Forest Department के अंतर्गत आती है, उस पर दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
डिमोलिशन के बाद फिर शुरू हुआ निर्माण
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इस जमीन पर पहले वन विभाग द्वारा कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को गिरा दिया गया था और मौके पर विभाग का बोर्ड भी लगाया गया था। इसके बावजूद अब आरोप है कि संबंधित फार्म हाउस मालिक ने फिर से कब्जा कर लिया है और पहले तोड़ी गई दीवार को दोबारा खड़ा किया जा रहा है।
भाटी थाना मैदानगढ़ी में मिलीभगत के आरोप
मामले में गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं कि यह अवैध निर्माण Delhi Police के भाटी थाना मैदानगढ़ी क्षेत्र में हो रहा है, जहां स्थानीय पुलिस और वन विभाग के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई के बावजूद दोबारा निर्माण शुरू होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
पर्यावरण नियमों की अनदेखी
विशेषज्ञों के अनुसार, वन विभाग की जमीन पर इस तरह का अवैध कब्जा और निर्माण न केवल गैरकानूनी है बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण नियमों का भी गंभीर उल्लंघन है। इससे क्षेत्र की हरियाली और प्राकृतिक संतुलन पर असर पड़ सकता है।
इलाके के निवासियों में इस घटना को लेकर भारी नाराज़गी है। उनका कहना है कि सरकारी जमीन पर बार-बार कब्जा होना कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। लोगों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही।
सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संबंधित विभागों से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर तुरंत निर्माण कार्य को रोका जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। भाटी गांव का यह मामला सिर्फ अवैध कब्जे का नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करता है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे मामलों में बढ़ोतरी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।



