फर्जी परमिशन के सहारे अवैध बोरिंग का खेल, NGT और पॉल्यूशन कानूनों की खुली अनदेखी

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राजधानी दिल्ली के थाना फतेहपुर बेरी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फॉर्म नंबर C-218, शीशम लेन रोड, बंदड़ा मंदिर के पास स्थित डेरा माडी इलाके में अवैध बोरिंग का गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार यहां फर्जी परमिशन के आधार पर बोरिंग का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है। बिना वैध अनुमति के मशीनों के जरिए जमीन में बोरिंग करना न केवल गैरकानूनी है बल्कि यह सीधे तौर पर पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन भी है।

NGT और पॉल्यूशन नियमों की अनदेखी

बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और पॉल्यूशन कंट्रोल से जुड़े नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। बिना अनुमति बोरिंग करने से भूजल स्तर पर गंभीर असर पड़ सकता है, लेकिन इसके बावजूद नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यह न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है बल्कि कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।

अधिकारियों पर मिलीभगत और रिश्वत के आरोप

इस मामले में सबसे गंभीर आरोप प्रशासनिक अधिकारियों पर लगे हैं। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार तहसीलदार अजय शर्मा, डीडीए के नोडल ऑफिसर और थाना फतेहपुर बेरी के थाना अध्यक्ष पर आरोप है कि मोटी रिश्वत लेकर इस गैरकानूनी काम को संरक्षण दिया जा रहा है। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं तो यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का बड़ा मामला बन सकता है।

मजदूरों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़

मौके पर काम कर रहे मजदूरों की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। बिना हेलमेट, बिना सुरक्षा जूते और बिना किसी सेफ्टी उपकरणों के मजदूरों से काम कराया जा रहा है। यह श्रम कानूनों और सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है और किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी

इस पूरे मामले को लेकर इलाके के लोगों में काफी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब जिम्मेदार अधिकारी ही नियमों को ताक पर रखकर काम करवा रहे हैं, तो आम जनता के लिए कानून का पालन करना मुश्किल हो जाता है। लोगों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

अब इस पूरे मामले में सबकी नजर प्रशासन पर टिकी हुई है कि क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और क्या दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह मामला न केवल अवैध बोरिंग का है बल्कि सिस्टम में मौजूद भ्रष्टाचार और लापरवाही को भी उजागर करता है।

 

Kinni Times
Author: Kinni Times