शीशम लैन डेरा माडी के फार्महाउस में रात के अंधेरे में रेव पार्टी, अवैध गतिविधियों का अड्डा बनने का आरोप

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नई दिल्ली (फतेहपुर बेरी क्षेत्र): दक्षिणी दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शीशमलैन डेरा माडी इलाके में स्थित फॉर्म नंबर-1 प्रेम फार्म हाउस को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय सूत्रों और शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस फार्महाउस में रात के समय गुपचुप तरीके से रेव पार्टियों का आयोजन किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में युवक-युवतियों की मौजूदगी रहती है और खुलेआम शराब, नशा, सट्टा और जुए जैसी गैरकानूनी गतिविधियां संचालित की जाती हैं।

रात के अंधेरे में सजती है महफिल, कानून की उड़ रही धज्जियां

बताया जा रहा है कि देर रात तक चलने वाली इन पार्टियों में तेज़ म्यूजिक, शराब और नशे का खुलेआम इस्तेमाल किया जाता है। आसपास के लोगों का कहना है कि यहां बिना किसी वैध अनुमति के बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें सुरक्षा मानकों की भी पूरी तरह अनदेखी की जाती है। न तो यहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होते हैं, न ही आग से बचाव या मेडिकल सुविधाओं की व्यवस्था दिखाई देती है।

युवाओं को बनाया जा रहा निशाना, बिगड़ रही नई पीढ़ी

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन पार्टियों के जरिए खासतौर पर युवा वर्ग को आकर्षित किया जा रहा है, जिससे उनकी जीवनशैली पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। नशे और जुए की लत युवाओं को अपराध की ओर धकेल रही है, जिससे समाज में असुरक्षा और अनैतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।

प्रशासनिक मिलीभगत के आरोप, कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

सबसे गंभीर आरोप यह है कि इस पूरे मामले में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आ रही है। आरोपों के मुताबिक, थाना अध्यक्ष फतेहपुर बेरी और डीडीए साकेत के नोडल अधिकारी तहसीलदार अजय शर्मा की कथित भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि मोटी रिश्वत के चलते इन अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई नहीं हो रही और फार्महाउस संचालकों को खुली छूट दी गई है।

बिना परमिशन चल रहा कारोबार, नियमों की अनदेखी

सूत्रों के अनुसार, फार्महाउस में न तो वैध रजिस्ट्रेशन है, न ही प्रदूषण नियंत्रण या बीमा संबंधी कोई दस्तावेज़। इसके अलावा सुरक्षा उपकरण जैसे फायर सेफ्टी, हेलमेट, वाटरप्रूफ सुरक्षा गियर जैसी बुनियादी चीजों का भी अभाव है। बावजूद इसके, बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर कानून-कायदे की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह क्षेत्र अवैध गतिविधियों का स्थायी केंद्र बन सकता है, जिससे कानून व्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

Kinni Times
Author: Kinni Times