मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक राजनीति के बीच दुनिया भर में कई बड़ी घटनाएँ सामने आई हैं। ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे तनाव का असर पूरी दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने G7 बैठक में दावा किया कि मौजूदा हालात में ईरान कभी भी सरेंडर कर सकता है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री ने साफ कहा है कि उनका देश कायरतापूर्ण हमलों के सामने झुकने वाला नहीं है और जनता मजबूती से खड़ी है। तेहरान में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान जोरदार धमाके की खबर भी सामने आई, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
इस बीच इराक में अमेरिकी सेना का KC-135 विमान गिरने से चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं इजरायली डिफेंस फोर्स ने कहा है कि ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को पहचान कर एयर डिफेंस सिस्टम ने सक्रिय कार्रवाई की।
तेल और गैस के मोर्चे पर भी हलचल देखने को मिली है। अमेरिका द्वारा कुछ पाबंदियों में ढील दिए जाने के बाद जापान अब रूसी कच्चा तेल खरीदने पर विचार कर रहा है। वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके तेल ठिकानों पर हमला हुआ तो पूरे क्षेत्र के तेल-गैस भंडारों को निशाना बनाया जा सकता है।
भारत में केंद्र सरकार ने देश में LPG संकट को लेकर लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और पैनिक बुकिंग से बचने की अपील की है। सरकार का कहना है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है, लेकिन पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों को तय गाइडलाइन का पालन करना होगा।
राजनीतिक मोर्चे पर भी हलचल तेज रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में रैली को संबोधित करते हुए विपक्ष पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया। वहीं लखनऊ में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा सरकार संविधान की मूल विचारधारा का सम्मान नहीं करती।
इसके अलावा गोवा में बीजेपी समर्थित पैनल ने पणजी नगर निकाय चुनाव में 30 में से 27 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की। बिहार विधानसभा को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर में जांच शुरू कर दी है।
कुल मिलाकर अंतरराष्ट्रीय तनाव, ऊर्जा संकट और देश की राजनीति—तीनों मोर्चों पर घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं, जिन पर भारत समेत पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।







