दुनिया और देश में आज कई बड़ी राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और आर्थिक घटनाएं सामने आईं। सबसे ज्यादा चर्चा Middle East में बढ़ते तनाव और Iran–United States–Israel के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर रही, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर भी दिखाई दिया।
अंतरराष्ट्रीय घटनाएं
Donald Trump ने ईरान की महिला फुटबॉल टीम के मुद्दे पर Australia के प्रधानमंत्री से बातचीत की।
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच Emmanuel Macron ने लाल सागर में दो युद्धपोत भेजने का ऐलान किया।
ईरानी मिसाइल हमलों में Israel में एक और व्यक्ति की मौत के बाद मृतकों की संख्या 11 तक पहुंच गई।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाए जाने की खबरों पर रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने बधाई दी।
मिडिल ईस्ट तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं।
खाड़ी क्षेत्र में ड्रोन हमलों और एयरस्ट्राइक की घटनाओं से कई देशों में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है।
भारत से जुड़ी प्रमुख खबरें
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने नेपाल के चुनाव में जीत दर्ज करने वाले राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता बालेन शाह से फोन पर बातचीत कर उन्हें बधाई दी।
विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar ने संसद में कहा कि भारत मिडिल ईस्ट संघर्ष के समाधान के लिए कूटनीतिक रास्ते और शांति का समर्थन करता है।
असम विधानसभा चुनाव को लेकर Bharatiya Janata Party की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक 12 मार्च को नई दिल्ली में होगी।
Rahul Gandhi ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है और LPG की कीमतों में बढ़ोतरी इसका उदाहरण है।
इंडोनेशिया ने भारत के साथ ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए समझौता किया है, जिसे रक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
अन्य प्रमुख खबरें
महाराष्ट्र के अंबरनाथ में एक केमिकल कंपनी में भीषण आग लग गई, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
दिल्ली दंगा मामले में Sharjeel Imam को भाई की शादी में शामिल होने के लिए 10 दिन की अंतरिम जमानत मिली।
सुप्रीम कोर्ट में मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी।
असम विधानसभा चुनाव में Samajwadi Party ने पांच सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
कुल मिलाकर 9 मार्च का दिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति, मिडिल ईस्ट संघर्ष और भारत की घरेलू राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से काफी अहम रहा। वैश्विक तनाव के चलते आने वाले दिनों में तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर नजर बनी रहेगी।







