दक्षिणी दिल्ली के थाना मैदान गढ़ी भाटी गांव में फर्जी परमिशन से रात में अवैध बोरिंग का आरोप, कई अधिकारियों पर मिलीभगत के गंभीर आरोप

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दक्षिणी दिल्ली के Bhati Village स्थित मदर टेरेसा स्कीम फार्म (फॉर्म नंबर-1, सी.न. 40) में फर्जी परमिशन के आधार पर रात के समय गैरकानूनी बोरिंग/ट्यूबवेल लगाए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर विभिन्न उच्च अधिकारियों और एजेंसियों को विस्तृत शिकायत भेजी गई है। शिकायत में कई सरकारी कर्मचारियों और विभागों की कथित भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।

मामले से जुड़े मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:

1. भाटी गांव स्थित मदर टेरेसा स्कीम फार्म (फॉर्म नंबर-1, सी.न. 40) में रात के समय गैरकानूनी तरीके से बोरिंग/ट्यूबवेल लगाए जाने का आरोप।

2. आरोप है कि यह कार्य कथित रूप से फर्जी परमिशन के आधार पर किया जा रहा है।

3. शिकायत में यह भी कहा गया है कि स्थानीय थाना मैदान गढ़ी के एक बीट पुलिस कर्मचारी पर इस अवैध गतिविधि को संरक्षण देने का आरोप लगाया गया है।

4. आरोप है कि एक राजस्व अधिकारी द्वारा कथित रूप से 25 लाख रुपये लेकर फर्जी परमिशन जारी करने की बात सामने आई है।

5. शिकायत में दावा किया गया है कि यह परमिशन कथित रूप से BDO केस के नाम पर फर्जी साइन और मुहर लगाकर जारी की गई।

6. बताया गया है कि संबंधित जमीन पहले ही Delhi Development Authority को कब्जे में दी जा चुकी है और यह क्षेत्र अब शहरीकरण (Urbanized Village) के अंतर्गत आता है।

7. ऐसी स्थिति में आरोप लगाया गया है कि रेवेन्यू विभाग के पास बोरिंग/ट्यूबवेल की अनुमति देने का अधिकार नहीं है, फिर भी कथित रूप से फर्जी परमिशन जारी की गई।

8. शिकायत में यह भी कहा गया है कि रात के अंधेरे में बोरिंग मशीन लगाकर अवैध रूप से ट्यूबवेल खोदा जा रहा है।

9. पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।

10. संबंधित अधिकारियों के खिलाफ Prevention of Corruption Act, 1988 के तहत मुकदमा दर्ज करने और उन्हें तत्काल निलंबित करने की मांग की गई है।

11. जिस फार्म हाउस में बोरिंग हो रही है, उसके मालिक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई है।

12. मौके पर मौजूद बोरिंग मशीन को जब्त करने और अवैध कार्य को तुरंत रोकने की मांग भी की गई है।

13. शिकायत में यह भी कहा गया है कि भूजल दोहन को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

 

इस मामले में शिकायत National Green Tribunal, Central Bureau of Investigation, Delhi Jal Board सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और विभागों को भेजी गई है।

फिलहाल संबंधित विभागों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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