दुबई/तेहरान। मध्य-पूर्व में संघर्ष लगातार चौथे दिन और भयावह होता जा रहा है। इजरायल ने मंगलवार को तेहरान में बड़े पैमाने पर हवाई हमलों की पुष्टि की है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक राजधानी के केंद्रीय हिस्सों, जहां कई सरकारी इमारतें स्थित हैं, वहां धुएं के गुबार उठते देखे गए। शहर के दो हवाई अड्डों में से एक को भी निशाना बनाए जाने की खबर है।
इजरायल ने ईरान के मिसाइल लॉन्चरों और एक परमाणु अनुसंधान केंद्र पर भी हवाई कार्रवाई की। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी दूतावासों और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं।
दुबई और दोहा में धमाकों की गूंज
दुबई और दोहा में रात के समय तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। चश्मदीदों के अनुसार, कुछ धमाके अबू धाबी में भी सुनाई दिए। बताया जा रहा है कि ये हमले उन क्षेत्रों पर किए गए जहां अमेरिकी सैन्य मौजूदगी है।
800 के करीब मौतें
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक करीब 800 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें कई वरिष्ठ अधिकारी और संभावित राजनीतिक नेतृत्व से जुड़े नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।
लेबनान में भी बढ़ी कार्रवाई
इजरायल ने लेबनान में ईरान समर्थित संगठन हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर भी हमले तेज कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि संघर्ष अब क्षेत्रीय स्वरूप लेता जा रहा है।
बातचीत की संभावना
इस बीच खबर है कि ईरान शांति वार्ता के लिए प्रस्ताव भेज सकता है, हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले ही चेतावनी दी थी कि बातचीत की कोशिश “बहुत देर” से की जा रही है।
अमेरिका और इजरायल द्वारा शनिवार से शुरू किए गए हमलों और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई के चलते कई खाड़ी देशों ने एहतियातन अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी असर पड़ा है।
मध्य-पूर्व में बढ़ता यह टकराव वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय बन गया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है।








