गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर भारत सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। ये पुरस्कार अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट और विशिष्ट योगदान देने वाली हस्तियों को दिए जाते हैं। पद्म सम्मान तीन श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं — पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री।
सरकार ने बताया कि ये पुरस्कार कला, समाज सेवा, सार्वजनिक मामले, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, व्यापार एवं उद्योग, चिकित्सा, साहित्य एवं शिक्षा, खेल और सिविल सेवा जैसे विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को दिए जाते हैं।
‘पद्म विभूषण’ असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए, ‘पद्म भूषण’ उच्च स्तर की विशिष्ट सेवा के लिए और ‘पद्म श्री’ किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।
पद्म विभूषण से सम्मानित हस्तियां:
कला क्षेत्र में धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत) और एन. राजम को यह सम्मान मिला है। सार्वजनिक मामलों में के. टी. थॉमस और वी. एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत) को पद्म विभूषण दिया गया, जबकि साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पी. नारायणन को चुना गया है।
पद्म भूषण पुरस्कार विजेता:
कला जगत से अल्का याग्निक, ममूटी, शतावधानी आर. गणेश और पीयूष पांडेय (मरणोपरांत) को सम्मानित किया गया है।
सार्वजनिक मामलों में भगत सिंह कोश्यारी, शिबु सोरेन (मरणोपरांत), वी. के. मल्होत्रा (मरणोपरांत) और वेल्लप्पल्ली नटेसन को यह पुरस्कार मिला।
चिकित्सा क्षेत्र से कल्लीपट्टी रामासामी पलानीस्वामी और डॉ. नोरी दत्तात्रेयुडु को पद्म भूषण से नवाजा गया।
सामाजिक कार्य के लिए एस. के. एम. मैइलानंदन, व्यापार और उद्योग में उदय कोटक तथा खेल के क्षेत्र में विजय अमृतराज को यह सम्मान प्रदान किया गया।
सरकार का कहना है कि इन सम्मानों का उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली और देश का नाम रोशन करने वाली हस्तियों को सम्मानित करना है। हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की जाती है।








