दिल्ली-NCR में एक बार फिर प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। सर्दियों के मौसम में हवा की रफ्तार कमजोर पड़ने और मौसम के प्रतिकूल हालात के चलते राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार चला गया है। इसी के बाद दिल्ली में ऑड-ईवन स्कीम को दोबारा लागू किए जाने की चर्चा तेज हो गई है।
शनिवार को हालात इतने बिगड़े कि कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) को GRAP-3 लागू होने के 24 घंटे के भीतर ही GRAP-4 की सख्त पाबंदियां लागू करनी पड़ीं। शाम चार बजे AQI जहां 400 के आसपास था, वहीं रात नौ बजे तक यह बढ़कर 431 तक पहुंच गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए सीएक्यूएम की सब-कमेटी ने इमरजेंसी बैठक बुलाकर सबसे कड़े प्रतिबंधों को मंजूरी दी।
सीएक्यूएम के मुताबिक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण मौसम में बदलाव आया है और हवाएं कमजोर हुई हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान भी राहत देने वाला नहीं है। इसी वजह से GRAP-4 को एहतियातन लागू किया गया है। दिल्ली-NCR के सभी जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि इन नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। यह इस साल पहली बार है जब GRAP-4 लागू किया गया है। इससे पहले इसे पिछले साल 24 दिसंबर को हटाया गया था।
GRAP-4 के तहत प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और गतिविधियों पर कड़ा शिकंजा कस दिया गया है। जरूरी सामान को छोड़कर अन्य ट्रकों की दिल्ली में एंट्री पर रोक लगा दी गई है। हाईवे, सड़क, फ्लाईओवर और ओवरब्रिज जैसे निर्माण कार्यों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। दिल्ली और एनसीआर के कई जिलों में पहली से नौवीं और ग्यारहवीं कक्षाओं को हाइब्रिड मोड में चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा दिल्ली में रजिस्टर्ड डीजल ट्रकों पर भी रोक लगाई गई है, हालांकि जरूरी सेवाओं से जुड़े ट्रकों को छूट दी गई है।
राज्य सरकार के पास यह विकल्प भी खुला है कि वह हालात और बिगड़ने पर कॉलेज और संस्थानों को बंद करने, गैर-जरूरी व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने और ऑड-ईवन स्कीम को लागू करने पर विचार कर सकती है। यही वजह है कि AQI 400 के पार पहुंचते ही ऑड-ईवन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सीएक्यूएम ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। लोगों को छोटी दूरी पैदल या साइकिल से तय करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और राइड शेयरिंग का इस्तेमाल करने, जहां संभव हो वर्क फ्रॉम होम अपनाने की सलाह दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस या दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों को घर में रहने और बाहर की गतिविधियों से बचने की हिदायत दी गई है।
दिल्ली में प्रदूषण के हालात पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में स्थिति के अनुसार और सख्त फैसले लिए जा सकते हैं।








