उत्तर भारत इन दिनों भीषण ठंड और घने कोहरे की गिरफ्त में है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले एक सप्ताह तक शीतलहर की संभावना तो कम है, लेकिन ठंड और घना कोहरा लगातार परेशानी बढ़ाता रहेगा। कुछ पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार भी जताए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में इस सीजन का सबसे घना कोहरा देखने को मिला, जिससे कई जिलों में बड़े सड़क हादसे हुए। अलग-अलग जगहों पर 40 से अधिक वाहनों की टक्कर में 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें डेढ़ साल की मासूम बच्ची भी शामिल है। हादसों में 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। दृश्यता बेहद कम होने से हाईवे और मुख्य सड़कों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। वहीं कोहरे की वजह से 100 से अधिक ट्रेनें देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जम्मू-कश्मीर में ‘चिल्लई कलां’ का दौर जारी है और घाटी में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। श्रीनगर का न्यूनतम तापमान -4.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि शोपियां में -5.6 डिग्री दर्ज किया गया। पहलगाम में -2.6 डिग्री, गुलमर्ग में -4.2 डिग्री और सोनमर्ग में -2.9 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। भीषण ठंड के कारण दाल झील और अन्य जलाशयों के कुछ हिस्से जम गए हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति और चंबा जिलों में ताजा बर्फबारी हुई है। स्पीति के शिंकुला दर्रा क्षेत्र में 25 पर्यटक वाहन बर्फ में फंस गए, जिन्हें प्रशासन और पुलिस की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं शिमला और आसपास के कुछ इलाकों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है।
राजस्थान में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, खासकर पश्चिमी हिस्सों में। न्यूनतम तापमान 5 से 10 डिग्री और अधिकतम 18 से 23 डिग्री के बीच रह सकता है। पंजाब में सुबह और रात के समय बहुत घना कोहरा पड़ सकता है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो सकती है। हरियाणा में भी कोहरे का असर रहेगा और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे ट्रेन, फ्लाइट और सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।
कुल मिलाकर उत्तर भारत में ठंड और कोहरा फिलहाल राहत देने के मूड में नहीं है, ऐसे में लोगों को यात्रा के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।








